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रामदास सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर प्रतिमा का अनावरण, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

रामदास सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर प्रतिमा का अनावरण, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्वी सिंहभूम। झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं झामुमो के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर शनिवार को टेल्को के खड़ंगाझाड़ चौक पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, विधायक संजीव सरदार और रामदास सोरेन के पुत्र सह विधायक सोमेश सोरेन ने संयुक्त रूप से प्रतिमा का अनावरण किया।

कार्यक्रम में रामदास सोरेन की पत्नी, परिवार के सदस्य, झामुमो नेता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया।

झारखंड आंदोलन में अहम भूमिका : बिरुआ

प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि रामदास सोरेन ने झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामदास सोरेन ने अपना जीवन समाज और झारखंड के हितों के लिए समर्पित किया।

छात्र आंदोलन पर भी बोले मंत्री

मंत्री दीपक बिरुआ ने रांची में चल रहे छात्र आंदोलन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्र नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं और सरकार उनकी मांगों के अनुरूप पहल कर रही है। उनके अनुसार, सरकार ने छात्रों की लगभग सभी मांगों को मान लिया है।

सीबीआई जांच की मांग पर केंद्र पर निशाना

सीबीआई जांच की मांग को लेकर बिरुआ ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई और ईडी केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली संस्थाएं हैं और इनका इस्तेमाल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फंसाने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि इसी वजह से राज्य सरकार मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने के पक्ष में नहीं है।

खनिज अधिनियम का विरोध जारी रखने की बात

खनिज संपदा से जुड़े अधिनियम को लेकर मंत्री ने कहा कि इससे राज्य सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड के हितों की रक्षा के लिए सरकार इस अधिनियम का मजबूती से विरोध करेगी।

कई झामुमो नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में विधायक समीर महांती, सबिता महतो, मंगल कालिंदी और संजीव सरदार के अलावा झामुमो नेता कुणाल सारंगी समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि रामदास सोरेन का निधन 15 अगस्त 2025 को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। उनकी पहली पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।

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