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नेपाल बाढ़ त्रासदी : बंगाल के 36 तीर्थयात्री लापता, परिवारों में बढ़ी चिंता

नेपाल बाढ़ त्रासदी : बंगाल के 36 तीर्थयात्री लापता, परिवारों में बढ़ी चिंता

कोलकाता। नेपाल में बुधवार काे आई बाढ़ में पश्चिम बंगाल के करीब 36 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से अकेले कोलकाता से 32 लोग लापता हैं। कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए कोलकाता के 32 लोगों का एक दल नेपाल में आई त्रासदी के बाद लापता हो गया है। इनमें 30 यात्री और दो यात्रा प्रबंधक शामिल हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इसके अलावा हुगली जिले के चंदन नगर और तारकेश्वर तथा बर्दवान और बारासात निवासी चार लोगों के लापता होने की खबर है।

अधिकारी के अनुसार, यह दल 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था। बुधवार सुबह दल तिब्बत जाने के लिए रसुवागढ़ी पहुंचा। करीब 8.30 बजे सभी लोग आव्रजन कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक बाढ़ आ गई।

अधिकारी ने बताया कि बाढ़ आने के बाद से दल के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के ऐसे सभी लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, जो बाढ़ प्रभावित इलाकों में हो सकते हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है, जिससे लोगों का पता लगाने में काफी परेशानी हो रही है।

कोलकाता की यात्रा एजेंसी के प्रतिनिधि दिव्य ज्योति बसु ने बताया कि नेपाल में यात्रा की व्यवस्था संभाल रही एजेंसी से भी संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि दल में यात्रा प्रबंधक जयंत सान्याल और नृपेन सरकार भी शामिल हैं। दोनों के मोबाइल में रोमिंग की सुविधा थी और उनसे आखिरी बार सुबह करीब आठ बजे बात हुई थी।

बसु ने बताया कि कुछ यात्रियों ने उस समय फेसबुक पर सीधे प्रसारण भी किया था। इसके बाद बाढ़ की खबर सामने आने पर किसी से संपर्क नहीं हो पाया। प्रभावित क्षेत्र में तलाश के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी ने एक हेलीकॉप्टर भी भेजा है।

राज्य सरकार के अधिकारी के अनुसार, कोलकाता के अलावा हुगली जिले के चंदननगर और उत्तर 24 परगना जिले के बारासात के कुछ लोगों के भी नेपाल में फंसे या लापता होने की आशंका है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाढ़ में हुई मौतों पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर रख रही है और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास तथा नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है। सरकार नेपाल में फंसे राज्य के पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, मजदूरों और कारोबारियों की मदद के लिए प्रयास कर रही है।

राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के परिवारों की मदद के लिए भवानी भवन स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में हेल्पलाइन शुरू की है। परिवार (033) 24793311 और 9147890181 पर संपर्क कर सकते हैं।

नेपाल में आई इस बाढ़ में करीब 100 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता हैं। इनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ ने कई कस्बों और गांवों को प्रभावित किया है तथा पुलों और बिजली परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में बताया कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह 8.37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था और तीन मिनट बाद बाढ़ की सूचना मिली। आशंका है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियर टूटने के कारण अचानक बाढ़ आई, जिसने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई।

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