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Birsa Times

BRICS से पहले मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात, रूस से तेल आयात और रक्षा सहयोग पर रहेगी नजर

BRICS से पहले मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात, रूस से तेल आयात और रक्षा सहयोग पर रहेगी नजर

नई दिल्ली: 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS सम्मेलन से पहले राजधानी दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन से पहले 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। पूरी दुनिया की नजर इस मुलाकात पर है, क्योंकि भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।

खबर की बड़ी बातें

  • 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में BRICS सम्मेलन का आयोजन होना है।
  • सम्मेलन से पहले 11 सितंबर को पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात प्रस्तावित है।
  • भारत-रूस के बीच कच्चे तेल के आयात का मुद्दा अहम रहेगा।
  • रक्षा, तकनीक, व्यापार और निवेश पर बातचीत की संभावना है।
  • पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और दबाव के बावजूद भारत-रूस संबंधों पर दुनिया की नजर है।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।
  • पिछली मुलाकात के दौरान मोदी और पुतिन की अनौपचारिक गर्मजोशी भी काफी चर्चा में रही थी।
  • BRICS बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में नई साझेदारी और समझौतों पर नजर रहेगी।

BRICS सम्मेलन से पहले दिल्ली तैयार

BRICS सम्मेलन को लेकर राजधानी दिल्ली में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में कई देशों के प्रमुख नेता और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा से लेकर मेहमानों के स्वागत तक व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

सम्मेलन से ठीक पहले 11 सितंबर को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली बैठक को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तेल आयात से लेकर व्यापार तक होगी चर्चा

भारत और रूस के रिश्तों में ऊर्जा क्षेत्र की अहम भूमिका रही है। रूस से भारत के कच्चे तेल के आयात में बढ़ोतरी के बीच दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग पर भी चर्चा होने की संभावना है।

इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने, निवेश के नए अवसर तलाशने और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।

रक्षा सहयोग पर भी रहेगी नजर

भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में मजबूत सहयोग रहा है। ऐसे में मोदी-पुतिन की बैठक में रक्षा क्षेत्र से जुड़े सहयोग और भविष्य की साझेदारी पर भी बातचीत होने की संभावना है।

दोनों देश बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के रास्तों पर भी विचार कर सकते हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी अहम

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठ सकता है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद के समाधान पर जोर देता रहा है। ऐसे में पुतिन और मोदी की बैठक में यूक्रेन संघर्ष से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की संभावना भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पिछली मुलाकात में दिखी थी दोनों नेताओं की गर्मजोशी

मोदी और पुतिन की पिछली मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक गर्मजोशी भी देखने को मिली थी। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी निजी कार में साथ बैठाकर यात्रा की थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।

अब BRICS सम्मेलन से पहले होने वाली इस नई मुलाकात पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है।

नई डील और निवेश पर बन सकती है सहमति

11 सितंबर की द्विपक्षीय बैठक में भारत और रूस कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बना सकते हैं। ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, व्यापार और निवेश से जुड़े नए समझौतों या पहलों की संभावना पर भी नजर रहेगी।

BRICS सम्मेलन से पहले मोदी-पुतिन की यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों की दिशा के लिहाज से अहम मानी जा रही है। ऐसे में बैठक के दौरान होने वाली बातचीत और संभावित समझौतों पर देश-दुनिया की नजर रहेगी।

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