रांची। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और झारखंड के महान जननायकों को नमन करते हुए राज्य के अगले 25 वर्षों के विकास का रोडमैप सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, किसानों, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, उद्योग और निवेश को प्रमुख प्राथमिकता बताया।
मुख्यमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें
- स्वतंत्रता का अर्थ व्यापक: सीएम ने कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी नहीं, बल्कि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा, युवाओं को सम्मानजनक रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और किसानों को समृद्धि का अवसर मिलना भी है।
- झारखंड के वीरों को नमन: भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव, तिलका मांझी, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और शेख भिखारी समेत झारखंड के सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
- शिबू सोरेन को भी किया याद: मुख्यमंत्री ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता और झारखंड आंदोलन के संघर्ष को भी नमन किया।
- अगले 25 वर्षों का लक्ष्य: सरकार ऐसा झारखंड बनाना चाहती है जहां युवा आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता में आगे बढ़ें और राज्य की सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रहे।
- जल-जंगल-जमीन के साथ विकास: सीएम ने कहा कि विकास का मतलब केवल खनिजों का दोहन नहीं, बल्कि मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधन और सांस्कृतिक विरासत का संतुलित विकास है।
- युवाओं को दिया भरोसा: मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और सपने ही विकसित झारखंड की असली पूंजी हैं। सरकार उनकी मेहनत और प्रतिभा को उचित अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
- भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता: परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच सीएम ने कहा कि किसी भी भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई होगी, लेकिन बिना प्रमाण किसी को दोषी नहीं ठहराया जाएगा।
- परीक्षा प्रणाली में सुधार: सरकार समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, तकनीकी रूप से सुरक्षित परीक्षा प्रणाली, उत्तर कुंजी और ओएमआर की समय पर उपलब्धता तथा बहुस्तरीय जवाबदेही की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही है।
- रोजगार पर विशेष जोर: जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही उद्योग, एमएसएमई, कृषि, डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा।
- किसानों को कृषि उद्यमी बनाने का लक्ष्य: बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत करीब 2.15 लाख एकड़ भूमि में वृक्षारोपण और लगभग 3 लाख परिवारों को आजीविका से जोड़ने का दावा किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान केवल धान उत्पादक नहीं, बल्कि कृषि उद्यमी बनें।
- एमएसएमई और निवेश को बढ़ावा: सीएम के अनुसार झारखंड में 16 लाख से अधिक एमएसएमई हैं, जिनसे 60 लाख से ज्यादा स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 10 एमओयू होने और 22 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार की संभावना जताई गई।
- महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। सखी मंडलों से करीब 35 लाख परिवारों को जोड़ने की बात भी कही।
- स्वास्थ्य व्यवस्था में विस्तार: रिम्स-2 सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण के साथ पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में नए मेडिकल कॉलेजों की दिशा में काम होने की जानकारी दी। डिजिटल हेल्थ योजना के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया।
- विकसित और न्यायपूर्ण झारखंड का संकल्प: मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 25 वर्षों में ऐसा झारखंड बनाने का लक्ष्य है, जहां विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और राज्य की अस्मिता के साथ आधुनिक प्रगति भी आगे बढ़े।
युवाओं पर सबसे ज्यादा भरोसा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आने वाले झारखंड की नई पहचान युवा ही लिखेंगे। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर सभी झारखंडवासियों से समृद्ध, आधुनिक, संवेदनशील, न्यायपूर्ण और अपनी जड़ों से जुड़ा राज्य बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
