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पश्चिमी सिंहभूम में मानव तस्करी का पर्दाफाश: चक्रधरपुर मामले में तीन और आरोपी गिरफ्तार, अब तक पांच सलाखों के पीछे

पश्चिमी सिंहभूम में मानव तस्करी का पर्दाफाश: चक्रधरपुर मामले में तीन और आरोपी गिरफ्तार, अब तक पांच सलाखों के पीछे

जमशेदपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चर्चित चक्रधरपुर मानव तस्करी मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज करते हुए तीन और नए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन ताजा गिरफ्तारियों के साथ ही इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि पुलिस इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच कर रही है।

चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए नए आरोपियों में सांगाजाटा निवासी बुधराम गोप, गुड़ासाई निवासी दुर्योधन कुमार उर्फ बिरजू तथा बिन्दीरांगरुई निवासी तुराम कांडेयांग उर्फ अरुण शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी अपने-अपने क्षेत्रों के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को बेहतर रोजगार और आकर्षक वेतन का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में काम के नाम पर भेजकर अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे।

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया था जब 17 मई 2026 की रात पोड़ाहाट के एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी को गुप्त सूचना मिली कि चक्रधरपुर के एक होटल में कई लोगों को अवैध रूप से कैद कर रखा गया है। इस सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। चक्रधरपुर थाना पुलिस ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्रम विभाग, कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन और चाइल्डलाइन के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी कर उक्त होटल से 30 वयस्क मजदूरों और छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें पांच लड़के और एक लड़की शामिल थे।

जांच के दौरान यह गंभीर तथ्य उजागर हुआ कि इन सभी मजदूरों और बच्चों को बंधुआ मजदूरी के लिए गुजरात भेजने की पूरी तैयारी थी, और पुलिस ने मौके से मजदूरों को ले जाने के लिए तैयार खड़ी एक बस को भी जब्त कर लिया था। इस प्रकरण में पुलिस इससे पहले गुजरात के मोरवी निवासी निकुंज गोविन्द बोरसानिया और राजकोट निवासी निलेश भाई शाह को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है, जिन पर चक्रधरपुर थाने में मानव तस्करी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।

फिलहाल, बाल कल्याण समिति, चाईबासा के निर्देशानुसार मुक्त कराए गए सभी छह नाबालिग बच्चों को उनकी उचित देखभाल और काउंसलिंग के लिए चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां तेजी से खंगाली जा रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।

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