आरोप-प्रत्यारोप के बीच घंटों चला हंगामा,
पुलिस ने संभाला मोर्चा, समझाकर कराया मामला शांत
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : जिले के हंटरगंज में मंगलवार की सुबह 9 बजे दो किन्नरों के बीच हुए विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी, नोंकझोंक और हंगामा होने लगा। देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसी ने इसकी जानकारी हंटरगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों किन्नरों को थाना ले आई।घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी थाना पहुंच गए। थाना परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनकर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपसी विवाद के कारण माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया था। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर मामला को शांत करवा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार हंटरगंज निवासी राधिका किन्नर के घर 18 मई को बिहार के सासाराम जिले के ताराचण्डी गांव के निशा किन्नर पहुंची थी। वह साथ में काम करना चाहती थी। करीब एक सप्ताह तक दोनों के बीच संबंध ठीक चला। लेकिन उसके बाद निशा ने राधिका से 20 हजार रुपए की मांग की। राधिका ने 20 हजार रुपए दे भी दिए। निशा ने इस रुपए को रिश्तेदार के घर भेज दी। निशा ने आरोप लगाया कि जैसे ही मैं पैसा लिया उसके बाद राधिका मुझे प्रताड़ित करने लगी। हालांकि उसने अपने पायल बेचकर 15 हजार रुपए वापस भी कर दिए। लेकिन पांच हजार रुपए नहीं देने के बाद आरोप है कि राधिका ने उसके साथ शारीरिक प्रताड़ित करने लगी। वही नोंकझोंक के बाद ग्रामीणों ने उसे बचाया और थाना को सूचना दी। हालांकि राधिका ने अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को खारिज की। उनका कहना है की वह यहां हमे बदनाम करने पहुंची थी। और एरिया कब्जाना चाहती थी। उसका कुछ ग्रामीणों ने सहयोग कर रहे थे। इसी वजह से वह झूठे आरोप लगा रही है। इधर हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया की दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करवा ली गई है। वही निशा किन्नर को उसके घर बिहार भेज दिया है। हालांकि कोई पक्षों के द्वारा थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
