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बाल श्रम उन्मूलन अभियान: देवघर के होटलों में धावा-दल की छापेमारी, 2 बच्चे मुक्त

बाल श्रम उन्मूलन अभियान: देवघर के होटलों में धावा-दल की छापेमारी, 2 बच्चे मुक्त

नाबालिग से काम कराना पड़ेगा महंगा, हो सकती है जेल: प्रशासन

देवघर से दिव्य दिनकर संवाददाता प्रेम रंजन झा
देवघर: उपायुक्त के निर्देश पर गुरुवार 19 जून को बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत धावा-दल ने देवघर जिले के विभिन्न होटलों में सघन निरीक्षण किया। इस दौरान 2 होटलों से कुल 2 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति, देवघर को सुपुर्द कर दिया गया है।
अधिकारियों व NGO ने की कार्रवाई

औचक निरीक्षण में श्रम प्रवर्द्धन पदाधिकारी भूषण यादव (देवघर), राजेश यादव (सारवां), टिंकू कुमार दास (मोहनपुर), दिव्यलोक प्रियदर्शी (मधुपुर), जयकुमार यादव (सारठ), दीपक कुमार साव (पालोजोरी) शामिल रहे। NGO चेतना विकास के विपुल सिंह, आश्रय की दीपा कुमारी तथा चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर प्रवेज अंसारी भी उपस्थित थे।

₹50 हजार तक जुर्माना और जेल का प्रावधान
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनी अपराध है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं उन्मूलन) अधिनियम 1986 एवं संशोधित अधिनियम 2016 के तहत नियोक्ता पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के ‘एम. सी. मेहता बनाम राज्य सरकार’ मामले में दिए गए निर्णय के आलोक में जिला बाल एवं किशोर श्रमिक कोष में ₹20,000 से ₹50,000 तक की रकम जमा कराई जा सकती है।
खतरनाक कार्यों में 18 साल से कम उम्र पर रोक
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी नियोजन में तथा 18 वर्ष से कम के अल्पवयस्कों का खतरनाक नियोजन में काम करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अपील
यदि किसी घर, होटल, ढाबा, ईंट-भट्टा, मोटर गैरेज, क्रशर में कोई बच्चा बाल श्रम करते मिले तो तुरंत टोल फ्री नंबर 18003456526 एवं 1098 पर सूचना दें।

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