विशेष प्रतिनिधि द्वारा
औरंगाबाद. औरंगाबाद के गोह में आज जलसे का माहौल है. हर दूसरी जबान पर प्रज्ञा और तृप्ति राज हैं. दरअसल, दसवीं बोर्ड की परीक्षा में औरंगाबाद के गोह की प्रज्ञा ने पूरे बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है. उन्हें 500 में से 485 अंक मिले हैं. इसी गोह की प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल की तृप्ति राज ने 479 अंक प्राप्त कर 9वां स्थान हासिल किया है.
तीसरा स्थान पाने के बाद प्रज्ञा बेहद खुश हैं. प्रज्ञा की यह उपलब्धि उनकी मां संगीता और पिता सुनील के चेहरे पर दमक रही है. बता दें कि प्रज्ञा की मां गृहिणी हैं जबकि पिता साधारण से किसान. प्रज्ञा अपनी इस उपलब्धि के लिए सबसे पहले अपनी मां और अपने पिता को याद करती हैं. वह कहती हैं कि उनके मां और पापा ने उनका अद्भुत रूप से साथ दिया. प्रज्ञा ने बातचीत में अपने कई शिक्षकों को याद किया. उसने कहा कि मेरे शिक्षक हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते रहे.
तीन भाई-बहनों में प्रज्ञा मंझली बहन हैं. एक भाई प्रज्ञा से बड़े हैं और दूसरा छोटा. प्रज्ञा चाहती हैं कि वह डॉक्टर बनें. इसके लिए वह नीट की तैयारी करना चाहती हैं. पिता सुनील बताते हैं कि बड़ा भाई भी नीट की तैयारी कर रहा है. इस बातचीत में मां संगीता बड़ी खामोशी से बैठी थीं. जब उनसे उनका अनुभव पूछा गया तो उनकी आंखें चहकने लगीं. उन्होंने कहा कि बेटी ने उम्मीद से ज्यादा बेहतर किया. संगीता कहती हैं कि उनकी बेटी बहुत तेज है. बहुत लगन से पढ़ती थी. उन्हें उम्मीद थी कि वह बढ़िया रिजल्ट करेगी, लेकिन इतना बढ़िया करेगी उन्होंने यह नहीं सोचा था. वह कहती हैं कि प्रज्ञा सारे काम बहुत लगन से करती है. चाहे वह घर का काम हो या अपनी पढ़ाई का, उसका किया हर काम मां संगीता को लुभाता है.
औरंगाबाद के गोह पिता किसान, मां गृहिणी और बेटी बिहार की तीसरी टॉपर
