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भाजपा ने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले कांग्रेस के भर्ती घोटाले दिलाए याद

भाजपा ने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले कांग्रेस के भर्ती घोटाले दिलाए याद

नई दिल्ली। उत्तराखंड में 17 जुलाई को प्रस्तावित दौरे से पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा राज्य को पेपर लीक का केंद्र बिंदु बताने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है। भाजपा ने कहा कि देहरादून आने से पहले राहुल को उत्तराखंड की जनता और युवाओं को सच बताना चाहिए कि भर्ती घोटालों की नींव कांग्रेस के शासनकाल में पड़ी थी।

भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने गुरुवार को एक्स पर कहा कि एनडी तिवारी सरकार (2002–2007) के दौरान दरोगा भर्ती में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे, जिनकी जांच सीबीआई तक पहुंची। इसी तरह पटवारी भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोपों के बाद भर्ती निरस्त करनी पड़ी। हरीश रावत सरकार (2014–2017) के दौरान भर्ती विवादों का सिलसिला जारी रहा। वर्ष 2016 की राज्य की वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक तक गिरफ्तार हुए। सिडकुल भर्ती विवाद में प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे और एसआईटी जांच करनी पड़ी। यूबीटीईआर और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की भर्तियां भी लगातार विवादों में घिरी रहीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भर्ती प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठते रहे। जांच एजेंसियां लगीं, भर्तियां रद्द हुईं और युवाओं का विश्वास टूटा। इसके विपरीत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में जब यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले का मामला सामने आया तो उसे दबाया नहीं गया। भाजपा सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल-विरोधी कानून बनाया, 100 से अधिक नकल माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए। पिछले चार वर्षों में 34,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां मिली हैं।

इससे पहले गुरुवार सुबह राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा था कि उत्तराखंड को पेपर लीक का केंद्र बिंदु बना दिया गया है। यहां एक सिस्टम बैठ गया है, जहां पद क़ाबिलियत से नहीं बल्कि अपराधियों के तय किए रेट से मिलते हैं। सरकार ने सख़्त नकल-विरोधी कानून बनाया, लेकिन पेपर लीक होते रहे और कानून कागज पर ही रहा। यह लीक नहीं बल्कि चोरी है, युवाओं के हक और भविष्य की।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले राहुल गांधी की इस रैली को लेकर कांग्रेस और उत्तराखंड प्रशासन भी आमने-सामने आ चुके हैं। पहले यह कार्यक्रम परेड ग्राउंड में होना था, लेकिन प्रशासन ने वहां पहले से चल रहे केंद्र सरकार के कार्यक्रम की अवधि बढ़ा दी और राहुल गांधी के इस प्रोग्राम के लिए दी गई अनुमति रद्द कर दी। इसके बाद कांग्रेस ने बन्नू स्कूल ग्राउंड को वैकल्पिक स्थल के रूप में चुना और वहां तैयारियां शुरू कर दीं। मंगलवार देर रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जब पार्टी नेता परेड ग्राउंड में टैंट का सामान लेकर पहुंचे। पुलिस ने चार ट्रक सामान पहले ही बन्नू स्कूल ग्राउंड पहुंचा दिया था। इससे पहले चार जून को खराब मौसम के कारण राहुल गांधी का अल्मोड़ा और पौड़ी दौरा स्थगित हो गया था।

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