रांची: रिम्स परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अब राजधानी रांची के मोरहाबादी इलाके में भी नगर निगम का बुलडोजर चला है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मोरहाबादी मैदान के पास स्थित एक आदिवासी परिवार का घर और छोटी दुकान ध्वस्त कर दी गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया।
इस कार्रवाई का सबसे अधिक असर उर्सुलाइन स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा लक्ष्मी मुंडा पर पड़ा है। लक्ष्मी सुबह रोज की तरह स्कूल गई थी, लेकिन जब दोपहर में घर लौटी तो उसका आशियाना मलबे में तब्दील हो चुका था। घर में रखी उसकी किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री बारिश में भीगकर खराब हो गईं।
परिजनों का कहना है कि वे वर्षों से इस स्थान पर रह रहे थे। घर के साथ उनकी छोटी दुकान भी तोड़ दी गई, जिससे परिवार के सामने आवास और आजीविका दोनों का संकट खड़ा हो गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
लक्ष्मी के परिजनों ने बताया कि उसका सपना पढ़-लिखकर वैज्ञानिक बनने का है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लक्ष्मी की परिजन सुनीता मुंडा ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने बिना पूर्व सूचना के बुलडोजर चलाया। उन्होंने प्रशासन से परिवार के पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही रिम्स परिसर की जमीन से भी कई आदिवासी परिवारों को हटाया गया था। अब मोरहाबादी की यह कार्रवाई भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
