आदिवासी एक्सप्रेस ललित कुमार पाल
शिकारीपाड़ा/दुमका/ दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में इन दिनों अवैध लॉटरी का धंधा बड़े पैमाने पर पैर पसार चुका है। शिकारीपाड़ा मुख्यालय समेत बरमसिया, पत्ताबाड़ी, सरसडंगाल और बेनागढ़िया जैसे दर्जनों ग्रामीण इलाकों में लॉटरी माफियाओं का मायाजाल इस कदर फैल गया है कि आम लोग इसकी चपेट में आकर कंगाल हो रहे हैं। लॉटरी माफिया बेहद शातिराना अंदाज में घूम-घूम कर सीधे-साधे ग्रामीणों और विशेषकर मजदूर वर्ग को रातों-रात लखपति बनने का सुनहरा सपना दिखाते हैं। इस झांसे में आकर लोग अपनी दिनभर की गाढ़ी कमाई इन अवैध टिकटों पर फूंक रहे हैं।
इस अवैध कारोबार का सबसे बुरा असर स्थानीय मजदूर वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। दिनभर हाड़-तोड़ मेहनत करने के बाद मिलने वाली मजदूरी को श्रमिक बेहतर भविष्य की चाह में लॉटरी में गंवा रहे हैं। इसका सीधा असर उनके चूल्हे-चौके पर पड़ रहा है, जिससे परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पैसे की तंगी और नुकसान के कारण आए दिन लोगों के घरों में विवाद और अशांति का माहौल पैदा हो रहा है। इसके बावजूद, बेखौफ घूम रहे लॉटरी सिंडिकेट पर नकेल कसने में स्थानीय प्रशासन अब तक नाकाम साबित हुआ है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

