आदिवासी एक्सप्रेस/ ब्यूरो कृष्णा गोस्वामी
देवघर: देवघर जिले के पालोजोरी प्रखंड अंतर्गत ठेंगाडीह गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के लाभुकों के चयन हेतु बुलाई गई ग्राम सभा हंगामे और आक्रोश के बीच स्थगित हो गई। सभा के निर्धारित समय पर पंचायत सचिव के नहीं पहुँचने से ग्रामीणों का सब्र टूट गया और उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
समय पर नहीं पहुँचे पंचायत सचिव, दो घंटे तक हुआ इंतजार
मिली जानकारी के अनुसार, ठेंगाडीह गाँव में पीएम आवास योजना के लिए पात्र लाभुकों के चयन हेतु ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि समय पर एकत्रित हो गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पंचायत सचिव का करीब दो घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन सचिव न तो वहाँ पहुँचे और न ही कोई सूचना दी। अंततः, कोई विकल्प न देख मुखिया ने विवश होकर ग्राम सभा को स्थगित करने की घोषणा की।
जियोटैग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी पीएम आवास के जियोटैग करने के नाम पर गाँव के कई गरीब लाभुकों से अवैध रूप से पैसों की वसूली की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पैसे देने के बावजूद भी उन लाभुकों का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
प्रशासन से उच्च स्तरीय जाँच की मांग
इस पूरी घटना की सूचना तत्काल प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और बीपीआरओ को दे दी गई है। मुखिया ने दूरभाष के माध्यम से उन्हें पंचायत सचिव की अनुपस्थिति और ग्रामीणों की नाराजगी से अवगत कराया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में इस प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए और जियोटैग के नाम पर अवैध वसूली करने वाले तथा ग्राम सभा से अनुपस्थित रहने वाले दोषी कर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीण मुन्ना टुडू

मुखिया अंशुक साधु पालोजोरी
