Birsa Times

पारसनाथ वन क्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध क्वार्ट्ज पत्थर से लदा ट्रक जब्त

पारसनाथ वन क्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध क्वार्ट्ज पत्थर से लदा ट्रक जब्त

गिरिडीह (झारखंड)। झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित पारसनाथ वन क्षेत्र में लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध क्वार्ट्ज पत्थर (Quartz Stone) के काले कारोबार पर वन विभाग ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन में वन विभाग की टीम ने खुखरा क्षेत्र से अवैध क्वार्ट्ज पत्थर से लदे एक विशाल 16 चक्का हाइवा (ट्रक) को रंगेहाथ जब्त कर लिया। विभाग की इस औचक कार्रवाई से इलाके के अवैध खनन और तस्करी नेटवर्क से जुड़े सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।

रेंजर के नेतृत्व में बिछाया गया जाल
यह पूरी कार्रवाई गिरिडीह वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) मनीष तिवारी के सख्त निर्देश पर की गई। सूचना मिलते ही पारसनाथ रेंज के रेंजर एस.के. रवि के नेतृत्व में वन कर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने खुखरा क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पत्थर से लदे भारी वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। जब्त हाइवा को सुरक्षा के बीच पारसनाथ रेंज कार्यालय लाया गया है, जहां गाड़ी के कागजात और लदे खनिजों की वैधता की बारीकी से जांच की जा रही है।

सप्लाई नेटवर्क और किंगपिन की तलाश तेज
वन विभाग अब इस बात की तफ्तीश में जुट गया है कि इस अवैध उत्खनन के पीछे कौन से सफेदपोश और माफिया सक्रिय हैं। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि यह कीमती पत्थर किस रिजर्व फॉरेस्ट एरिया से निकाला गया था और इसे तस्करी कर कहां खपाने की तैयारी थी। जांच के दायरे में वाहन मालिक, चालक, माइनिंग कराने वाले स्थानीय एजेंट और पूरे सप्लाई चेन को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि इस मामले में शामिल सभी चेहरों को बेनकाब कर उनके खिलाफ वन एवं खनन अधिनियमों की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।

माफियाओं को आखिरी चेतावनी: वन विभाग
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पारसनाथ के पर्यावरण-संवेदनशील और संरक्षित वन क्षेत्र में पिछले काफी समय से अवैध माइनिंग की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे प्राकृतिक संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा था। वन विभाग के आला अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जंगलों में खनन माफियाओं की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पर्यावरण और सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जारी रहेगा।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *