आदिवासी एक्सप्रेस संवाददाता
पाटन,(पलामू): नावाजयपुर थाना क्षेत्र के नावा अखाड़ा से एक महिला सुषमा देवी के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, महिला 16 मई को रांची इलाज कराने के लिए घर से निकली थी,लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटी।
परिजनों ने बताया कि सुषमा देवी अपने 12 वर्षीय पुत्र को घर पर छोड़कर गई थी,जबकि उसका पति सोमार राम उस समय रांची में काम कर रहा था। काफी खोजबीन के बाद भी जब महिला का कोई सुराग नहीं मिला, तो पति ने नावाजयपुर थाना में गुमशुदगी का आवेदन देकर मामला दर्ज कराया।
परिजनों के आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि महिला किसी तस्लिम अंसारी,कुम्हवा जंघासी निवासी के साथ फिरोजाबाद भाग गई है। इसके बाद परिजन महिला की तलाश में फिरोजाबाद गए,लेकिन वहां से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
सोमार राम ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और उन्हें केवल भेज दिया गया। उनका कहना है कि इस यात्रा में लगभग 50 हजार रुपये का खर्च हुआ है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि तस्लिम अंसारी ने महिला पर मानसिक दबाव बनाकर और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर सोने-चांदी के गहने एवं नगद राशि लेकर उसे ले जाने की बात कही है। हालांकि,ये सभी आरोप परिजनों के स्तर पर लगाए गए हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस का पक्ष
इस मामले में नावाजयपुर थाना प्रभारी सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि महिला से फोन पर संपर्क हुआ है। उनके अनुसार,महिला ने बयान दिया है कि वह अपनी मर्जी से घर से गई है और किसी के दबाव में नहीं है। यदि महिला द्वारा आरोप लगाया जाता है कि उसे बहला-फुसलाकर ले जाया गया,जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया,धोखा दिया गया,बंधक बनाया गया या शारीरिक- मानसिक उत्पीड़न किया गया है,तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार,आरोपी बताए जा रहे युवक तस्लिम अंसारी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामला आए हुए थे। तस्लिम अंसारी शादी शुदा है। और यह पांचवा मामला बताया जा रहा है।हालांकि,इस संबंध में भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
