5 महीने से लंबित है जांच रिपोर्ट, पीएमओ से उच्चस्तरीय जांच की मांग
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : चतरा जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। पोर्टल पर 11,000 फर्जी किसानों के नाम दर्ज कर सरकारी राशि हड़पने की कोशिश का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंच गया है। सिमरिया कला निवासी शकील अहमद ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी कंप्यूटर ऑपरेटरों, कर्मचारियों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कैसे हुआ खुलासा
शकील अहमद के अनुसार सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर से घोटाले की जानकारी मिली। 22 सितंबर 2025 के अंक में प्रकाशित खबर के मुताबिक चतरा, लावालौंग, गिधौर, सिमरिया और कुंदा अंचल कार्यालयों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने पीएम किसान पोर्टल पर 11,000 किसानों की फर्जी प्रविष्टियां कीं। आरोप है कि बिना दस्तावेज अपलोड किए ही किसानों के नाम दर्ज कर दिए गए। बाद में संबंधित दस्तावेज पोर्टल से हटा दिए गए। 06 करोड़ 60 लाख के नुकसान का अनुमान
शिकायत में कहा गया है कि यदि 11,000 फर्जी किसानों को 2000 रुपये की तीन किस्तें जारी हो जातीं तो एक किस्त में 2 करोड़ 20 लाख और कुल 6 करोड़ 60 लाख रुपये का सरकारी नुकसान होता।
जांच के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मामला सामने आने पर तत्कालीन उपायुक्त रमेश घोलप ने उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच पूरी हो चुकी है और कई अंचलों के कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने 5 महीने पहले उपायुक्त चतरा को भी लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई। पीएमओ से गुहार शकील अहमद ने पीएमओ से आग्रह किया है कि इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी कंप्यूटर ऑपरेटरों, कर्मियों और उच्च अधिकारियों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्र के साथ संलग्न उपायुक्त चतरा को दी गई शिकायत की छायाप्रति। समाचार पत्र में प्रकाशित खबर की छायाप्रति।
