गिरिडीह। सलैया रेलवे स्टेशन रोड की हालत ऐसी हो गई है कि यहाँ से जानवरों का गुजरना भी दूभर है, तो फिर आम जनता को इस नर्क से चलने पर क्यों मजबूर किया जा रहा है?” यह तीखा सवाल सामाजिक प्रतिनिधि राजेश सिन्हा ने प्रशासन और जनप्रतिधियों से किया है। वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क को लेकर अब स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया है। रविवार को सलैया स्टेशन परिसर में पूर्व मुखिया ठाकुर दास की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें प्रतिनिधि प्रमोद कंधवे, पंचायत सचिव अविनाश कुमार, युवा रवि प्रकाश, तुलसी राणा, आयुष, सुंदर पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद कंधवे आदि ने अपने अपने बातों को रखा। जिसमें सड़क निर्माण की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया।
स्कूल बस से लेकर टोटो तक सब बेहाल
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण स्कूल बसें, बाइक, ऑटो और टोटो का परिचालन लगभग असंभव हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि यात्री अब सलैया स्टेशन के बजाय न्यू गिरिडीह स्टेशन पर उतरना पसंद कर रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और आवागमन पर बुरा असर पड़ रहा है।
सांसद और प्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
राजेश सिन्हा ने गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और कोडरमा सांसद सह केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि दोनों लोकसभा क्षेत्रों की जनता इस समस्या से त्रस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या प्रतिनिधियों का अपने क्षेत्र से कोई जुड़ाव नहीं है, क्या वे सिर्फ पद लेने के लिए सांसद प्रतिनिधि बनते हैं, अगर पार्टी कार्यकर्ता भी सक्रिय होते, तो जनता की यह दुर्गति नहीं होती। मौके पर राजेश सिन्हा ने सांसद प्रतिनिधि गुड्डू यादव से फोन से बात कर समस्या को बताया, उन्होंने कहा कि सांसद के गिरिडीह के आगमन पर ज्ञापन देंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया
अल्टीमेटम: ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पैदल मार्च: पुराने जमुआ मार्ग से सैकड़ों की संख्या में लोग पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। ज्ञापन: सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के गिरिडीह आगमन पर उन्हें और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को मांग पत्र सौंपा जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह फाइल दबी हुई है, अब सीधे रेल मंत्री तक आवाज पहुँचाई जाएगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में पंचायत सचिव अविनाश कुमार, समाजसेवी रवि प्रकाश, प्रमोद कंधवे, युवा आयुष, सुंदर पांडेय, तुलसी राणा सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसके अलावा राजेश राणा, महेंद्र राणा, सत्यम तरवे, विवेक भदानी, सिद्धार्थ कंधवे, अभिषेक कुमार, सनूप कुमार, दीपक पाण्डेय, साकेभ राम, कन्हैया खेतान, अभय कधवे, बिट्टू कुमार, मिट्ठू कुमार, कुलदीप कुमार, सत्यम तर्वे जैसे दर्जनों युवाओं ने इस सामाजिक मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। सलैया स्टेशन रोड का मुद्दा अब केवल धूल और गड्ढों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि एक सप्ताह के भीतर विभाग जागता है या फिर गिरिडीह की सड़कों पर जनता का सैलाब उमड़ता है।
