बिरनी/गिरिडीह। बिरनी प्रखंड के खरखरी पंचायत अंतर्गत ख़ुटाटांड़ टोला में शुक्रवार को रास्ते के पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनी में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार दीपक साव और नागेश्वर साव के बीच पिछले लगभग एक वर्ष से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। मामले के समाधान के लिए दोनों पक्ष लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। कई बार अंचलाधिकारी (सीओ) द्वारा दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन विवाद का कोई समाधान नहीं निकल सका।
स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार सुबह नागेश्वर साव एवं उनके परिजन विवादित रास्ते पर दीवार बनाकर रास्ता बंद कर रहे थे। इसका मोहन साव, वीरेंद्र साव समेत दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया। इसी दौरान कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे एवं अन्य सामानों से मारपीट शुरू हो गई।घटना में एक पक्ष से नागेश्वर साव, पप्पू साव, रंजीत साव, जितेंद्र साव और सरयू साव घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष से मोहन साव, वीरेंद्र साव, संजय साव, बिनोद साव, पिंटू साव तथा बंधन साव जख्मी हो गए। इनमें नागेश्वर साव और मोहन साव को गंभीर चोटें आई हैं।
घायल जितेंद्र साव ने आरोप लगाया कि घटनास्थल के समीप अजय साव के बिजली सामान के गोदाम से दूसरे पक्ष के लोगों ने लोहे के पाइप एवं अन्य सामान निकालकर हमला किया, जिससे उनके पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित हमला बताया।घटना की सूचना मिलते ही बिरनी थाना प्रभारी लालचंद महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है।
थाना प्रभारी लालचंद महतो ने बताया कि दोनों पक्षों से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

