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बांका में खाकी पर गंभीर आरोप: फुल्लीडुमर पुलिस ने पीड़िता का आवेदन लेने से किया इनकार

बांका में खाकी पर गंभीर आरोप: फुल्लीडुमर पुलिस ने पीड़िता का आवेदन लेने से किया इनकार

-जख्मी आवेदिका ने जबरदस्ती पुलिस द्वारा सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का लगाया आरोप
बांका।
बांका जिले के फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के उर्दबारी गांव में दो पक्षों में जमकर मारपीट होने का मामला प्रकाश में आया है। जिसको लेकर जख्मी कुंती देवी द्वारा थाने में आवेदन दिया गया है। वहीं इसकी जानकारी देते हुए जख्मी महिला कुंती देवी पति धनेश्वर यादव ने बताया कि शुक्रवार की शाम को वो घर के दरवाजे पर बैठी थी। जहां बेवजह उसके ही पड़ोसी निलेश कुमार उसे गाली गलौज करने लगा। आगे पीड़ित ने बताया कि विरोध करने पर निलेश कुमार, उसकी माता मीना देवी, बहन बिमली कुमारी, मैना कुमारी एवं प्रियंका कुमारी सभी मिलकर लाठी डंडा एवं लोहे के रोड से उसे मारकर पूरी तरह जख्मी कर दिया गया एवं कुंती देवी के गले से चांदी का सीकरी भी छीन लिया गया। मारपीट के दौरान कुंती देवी के गाल के पास गहरा जख्म हो गया जिससे काफी खून बह रहा था। आगे पीड़ित ने बताया कि बचाने के क्रम में उसकी सास मनकवा देवी एवं उसकी नाबालिक पुत्री सिंकी कुमारी के साथ भी बेरहमी के साथ मारपीट की गई। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा भी मारपीट करने की बात बताई जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि थाना के आगे जख्मी कुंती देवी ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए शनिवार को बताया कि उन्होंने पांच लोगों के खिलाफ लिखकर थाने में आवेदन देने वो दोपहर कई परिजनों के साथ गई। लेकिन स्थानीय थाना की पुलिस उसके लिखे आवेदन को नहीं लिया। साथ ही डांट डपट कर जबरदस्ती थाना के पुलिस पदाधिकारी सादे कागज पर कुंती देवी का हस्ताक्षर करा लिया और कहा कि मैं अपने हिसाब से इस कागज पर लिखूंगा। थक हार कर कुंती देवी ने पुलिस के रवैया से असंतुष्ट होकर मेल एवं रजिस्ट्री के माध्यम से एसपी बांका , डीआईजी भागलपुर एवं फुल्लीडुमर थाने को ऑनलाइन आवेदन दिया है। ताकि उसके वास्तविक आवेदन पर ही प्राथमिकी दर्ज की जा सके और उन्हें न्याय मिल सके। वहीं इस संबंध में स्थानीय थाना की पुलिस कुछ भी करने को तैयार नहीं है‌। जानकारी के अनुसार माननीय न्यायालय में भी चल रहे एक मामले में आवेदिका ने गबाही के दौरान फुल्लीडुमर पुलिस पर डरा धमका कर सादे कागज पर हस्ताक्षर करने की बात बताई है। वहीं अब पुलिस के इस रवैये की थाना क्षेत्र के चौक चौराहे पर खूब चर्चा हो रही है एवं लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि सुशासन की सरकार में पीड़ित का आवेदन थाना द्वारा नहीं लिया जाना गंभीर सवाल खड़े करते हैं। वहीं लोगों में चर्चा यह भी है कि पुलिस ही आवेदन लिखकर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराए यह कैसा न्याय और नियम है? वहीं पीड़ित के इस बयान से पुलिस के प्रति चर्चाओं का बाजार गर्म है। वही मालूम हो कि स्थानीय पुलिस के ऊपर इसके पूर्व भी बिना किसी वारंट के जबरदस्ती फूलीडूमर बाजार के एक व्यक्ति के घर में घुसकर मारपीट की गई थी। जिस पर पीड़ित ने माननीय मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी बांका की अदालत में एक नालसी केस भी दायर की है। इसके बावजूद भी पुलिस के रवैया में बदलाव नहीं होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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