औरंगाबाद :- व्यवहार न्यायालय में जिला जज प्रथम विश्व विभूति गुप्ता ने महिला थाना कांड संख्या -12/20, जी आर -518/20, एसटीआर -12/21 में सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए एक मात्र अभियुक्त रंणधिर कुमार चौरम दाउदनगर को सज़ा सुनाई है, एपीपी रामनरेश प्रसाद ने बताया कि काराधिन अभियुक्त को भादंवि धारा में 26/03/26 को दोषी ठहराया गया था अभियोजन की ओर से डाक्टर,आई ओ सहित 09 गवाही हुई थी अभियुक्त पर आरोप गठन 10/01/22 को न्यायालय द्वारा हुए थी आज दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायधीश ने भादंवि धारा 376 डी में सज़ा सुनाई है, अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक पीड़िता के भाई ने 03/07/20 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें कहा था कि उसकी बहन जो मेट्रिक में पढ़ती थी वह शाम को शौच के लिए बाहर गई तो नहीं लोटी, अभियुक्त रंधीर कुमार और मृत्युंजय कुमार ने उसके साथ रेप कर मारपीट कर बिहोशी के हालात में बेलाढी गांव के नहर में फेंक दिया,जब बेलाढी गांव के लोगों ने सुबह में हल्ला किया कि एक लड़की नहर में फेंकी गई है तो हमलोग पहुंच कर पहचान किया, अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर,सदर अस्पताल औरंगाबाद में इलाज के बाद निजी अस्पताल डिहरी में इलाज के दौरान होश आई तो घटना और अभियुक्तों की जानकारी परिजनों को दी तब परिजनों ने महिला थाना लाकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी अभियुक्त मृत्युजंय यादव का नाबालिग होने के कारण वाद पृथक कर जेजेबी बोर्ड औरंगाबाद भेज दिया गया था, पीड़िता के परिजनों द्वारा पीड़िता के वस्त्र थानाप्रभारी को दिया था जिसे जांच के लिए 29/08/20 को न्यायालय द्वारा विधि विज्ञान प्रयोगशाला पटना भेजा गया था,आज सजा के बिन्दु पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि अभियुक्त घटना के समय से जेल में ही है पारिवारिक दायित्व है कम से कम सज़ा दी जाए, तो पीड़िता की ओर से भाग ले रहे मंतोष कुमार ने कहा कि पीड़िता अभी तक शादी नहीं कर पाई इसलिए अधिकतम सज़ा हो दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायधीश ने भरी अदालत में सज़ा सुनाई।