रवि कुमार गुरुआ
गुरुआ/ में जैसे जैसे गर्मी बढ़ रहे है वैसे वैसे मच्छर का आतंक बढ़ते जा रहा है।मच्छर का आतंक इतना अधिक बढ़ गया है कि पहले लोग को मच्छर रात में काटती थी,किंतु अब दिन के उजाले में ही अपनी जहरीली डंक से मनुष्य को काट काट कर पूरी तरह से जीना हराम कर दी है।दिन में ही यहां के लोग न सही से एक जगह बैठ पाते है और नहीं स्कूल से आने के बाद छोटे बच्चे पढ़ पाते हैं।उठने बैठने के लिए लोग दिन में भी मच्छर से बचाव करने बाली मच्छरबती मार्टिन आदि का सहारा ले पा रहे हैं।इतनी अधिक आतंक के बाद भी जिम्मेवार अधिकारी सब देखकर भी अनजान बने हुए हैं।मच्छर के काटने से गांव के गांव लोग बीमारी के चपेट में आ रहे है।जो इलाज कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही जाते हैं।इतनी अधिक तादात में भीड़ देखकर भी अधिकारी मच्छर से बचाने का किसी तरह का कोई उचित प्रबंध नहीं कर रहे हैं।लोग बताते है कि पहले मच्छर के प्रकोप होने पर गांव टोले में सरकारी विभाग मच्छर भगाने बाली दवा का छिड़काव तथा मशीन से धुआं किया जाता था किंतु अब किसी भी तरह की कोई उपाय नहीं किया जाता है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने आए लोगों को भीड़ से ही अंदाजा लगाई जा सकती है कि मच्छर के आतंक से कितने लोग बीमार पड़ रहे
