रिपोर्ट / निशांत कुमार
हसपुरा (औरंगाबाद) :- हसपुरा प्रखंड अंतर्गत चनहट गांव निवासी जयगोविंद पाल पिछले 20 मार्च से लापता हैं और तब से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उनकी गुमशुदगी ने पूरे परिवार को गहरे सदमे और चिंता में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, जयगोविंद पाल महाराष्ट्र के कल्याण इलाके में रहकर तीस वर्षों से राजमिस्त्री का काम करते थे और रोजी-रोटी के लिए वहीं रहते थे। 20 मार्च को वे घर लौटने के लिए कल्याण से अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन पकड़े थे। लेकिन इसके बाद वे अपने घर नहीं पहुंच सके और तभी से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। कई दिनों तक जब उनका फोन बंद आने लगा और कोई खबर नहीं मिली, तो परिजनों की चिंता बेचैनी में बदल गई।
जयगोविंद पाल के लापता होने के बाद उनके परिवार की हालत बेहद दयनीय हो गई है। उनकी पत्नी मूर्ति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है और वे हर पल अपने पति की सलामती की दुआ कर रही हैं। बेटा पवन कुमार और बेटियां अंजली कुमारी तथा पूनम कुमारी भी गहरे सदमे में हैं। घर में मातम जैसा माहौल है और हर कोई बस यही सोच रहा है कि आखिर जयगोविंद पाल कहां चले गए और किन परिस्थितियों में उनका संपर्क टूट गया। परिवार के लोग अपने स्तर से लगातार खोजबीन कर रहे हैं। उन्होंने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित जगहों पर संपर्क किया है, रेलवे स्टेशनों और आसपास के इलाकों में भी जानकारी लेने की कोशिश की है। लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। इस मामले को लेकर हसपुरा थाना को भी सूचित किया गया है। हालांकि अभी तक पुलिस को भी कोई सफलता नहीं मिल सकी है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक अमरेन्द्र कुशवाहा भी सक्रिय हुए हैं और वे अपने स्तर से प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर जयगोविंद पाल की तलाश तेज करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कहीं से भी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। दिन बीतने के साथ यह मामला और रहस्यमय होता जा रहा है। यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि जयगोविंद पाल किसी दुर्घटना का शिकार हुए हैं या फिर किसी अन्य कारण से लापता हैं। इस अनिश्चितता ने परिवार को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। परिजनों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उनका पता लगाया जाए।