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गलत डिजाइन का खामियाज़ा: हुसैनाबाद रेलवे ओवरब्रिज बना रोज़ाना जाम का ‘हॉटस्पॉट’, धरना-प्रदर्शन के बाद भी नहीं निकला समाधान

गलत डिजाइन का खामियाज़ा: हुसैनाबाद रेलवे ओवरब्रिज बना रोज़ाना जाम का ‘हॉटस्पॉट’, धरना-प्रदर्शन के बाद भी नहीं निकला समाधान

आदिवासी एक्सप्रेस संवाददाता
हुसैनाबाद ,पलामू:
करोड़ों रुपये की लागत से लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया हुसैनाबाद रेलवे ओवरब्रिज अब आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। गलत डिजाइन और अपर्याप्त ट्रैफिक प्लानिंग के कारण प्रतिदिन भीषण जाम लग रहा है। इससे आम लोग, व्यापारी, स्कूली बच्चे, मरीज और एंबुलेंस तक घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि स्थानीय लोगों का आक्रोश अब सड़क पर उतर चुका है ।ओवरब्रिज के पश्चिमी छोर पर देवरी रोड की ओर पर्याप्त मोड़ नहीं होने से दंगवार रोड से आने वाले भारी वाहनों को ब्रिज पर चढ़ने के लिए कई बार आगे-पीछे करना पड़ता है। इसी दौरान दंगवार रोड, छत्तरपुर रोड, देवरी मार्ग और हरिहर चौक पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। चारों दिशाओं से वाहनों के एक साथ पहुंचने पर स्थिति और भयावह हो जाती है तथा अक्सर वाहन चालकों के बीच विवाद की नौबत भी आ जाती है। तीन दिन पूर्व लगातार लग रहे जाम और उड़ती धूल से परेशान नागरिकों ने हरिहर चौक स्थित दंगवार रोड पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ और सड़क जाम हटाया गया, लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरब्रिज का निर्माण बिना व्यावहारिक ट्रैफिक सर्वे और तकनीकी योजना के किया गया। लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, दंगवार रोड को वैज्ञानिक तरीके से ओवरब्रिज से जोड़ने, ट्रैफिक व्यवस्था के लिए स्थायी पुलिस तैनाती सुनिश्चित करने तथा निर्माण में हुई खामियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने ओवरब्रिज निर्माण का श्रेय तो लिया, लेकिन उसकी उपयोगिता और भविष्य में होने वाली यातायात समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। अब यह ओवरब्रिज सुविधा का प्रतीक बनने के बजाय हुसैनाबाद की रोज़मर्रा की सबसे बड़ी यातायात समस्या बन गया है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो व्यापक जन आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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