गिरिडीह। पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह डॉ बिमल कुमार द्वारा किया गया हीरोडीह थाना का वार्षिक निरीक्षण; लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और वारंटियों की गिरफ्तारी के दिए सख्त निर्देश। थाना के सिरिस्ता कार्यों में सुधार लाने, अपराधियों पर नकेल कसने और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह द्वारा हीरोडीह थाना का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने के कामकाज की गहन समीक्षा की और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के मुख्य बिंदु।
अभिलेखों की जांच
पुलिस अधीक्षक द्वारा हीरोडीह थाना के सिरिस्ता से संबंधित सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों और पंजियों का बारीकी से अवलोकन किया गया। उन्होंने रिकॉर्ड के संधारण को अद्यतन रखने का निर्देश दिया।
दागियों की समीक्षा
क्षेत्र के सभी चिन्हित दागियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने उनके विरुद्ध कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए।
लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन
थाने में दर्ज विभिन्न लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए पुलिसअधीक्षक ने सभी अनुसंधानकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित अनुसंधान सुनिश्चित करते हुए मामलों के जल्द से जल्द निष्पादन का निर्देश दिया।
विशेष अभियान चलाने का निर्देश
क्षेत्र में फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक ने लंबित वारंट और कुर्की-जब्ती का विशेष अभियान चलाकर तामीला कराने का सख्त निर्देश दिया।
कार्य समीक्षा एवं ब्रीफिंग
थाना में पदस्थापित सभी पुलिस अधिकारियों के कार्यों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की गई। इसके बाद एक ब्रीफिंग सत्र का आयोजन कर सभी को क्षेत्र में मुस्तैदी से ड्यूटी करने, जनता के साथ बेहतर समन्वय बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने के लिए ब्रीफ किया गया।
पुलिस अधीक्षक का संदेश
थाना स्तर पर अनुसंधान में बरती गई लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता को ससमय न्याय मिले और अपराधियों में कानून का भय हो, यही हमारी प्राथमिकता है। किसी भी रूप में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

