Birsa Times

बरहरवा स्टेशन पर मानव तस्करी रोधी अभियान में चार नाबालिग बालक बरामद

बरहरवा स्टेशन पर मानव तस्करी रोधी अभियान में चार नाबालिग बालक बरामद

आदिवासी एक्सप्रेस ब्यूरो साहिबगंज
अजय कुमार कुशवाहा

मजदूरी करने लखनऊ जाने की थी योजना, आरपीएफ की सतर्कता से टला संभावित हादसा

बरहरवा, बरहरवा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी, घर से भागे बच्चों तथा अन्य अपराधों की रोकथाम को लेकर चलाए गए विशेष जांच एवं निगरानी अभियान के दौरान आरपीएफ ने चार नाबालिग बालकों को सुरक्षित बरामद किया। सभी बच्चे बिना अपने अभिभावकों को बताए घर से निकलकर मजदूरी करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के लखनऊ जाने की योजना बना रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को इंस्पेक्टर आरपीएफ बरहरवा संजीव कुमार के पर्यवेक्षण में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान, आरपीएफ पोस्ट बरहरवा तथा मंथन संस्था की प्रतिनिधि सुश्री आराधना मंडल के साथ संयुक्त रूप से बरहरवा रेलवे स्टेशन परिसर में रात्रि 8:30 बजे से विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी, घर से भागे बच्चों (TOPB) तथा अन्य संबंधित अपराधों की रोकथाम करना था।

जांच के दौरान रेलवे स्टेशन स्थित सिग्नल ऑफिस कार्यालय के समीप चार नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए पाए गए। आरपीएफ टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ की। पूछताछ में बच्चों ने अपनी उम्र क्रमशः 13, 14, 14 और 16 वर्ष बताई तथा सभी ने अपना घर पाकुड़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में होना बताया।

आरपीएफ द्वारा की गई विस्तृत पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि चारों बालक बिना अपने माता-पिता अथवा अभिभावकों को जानकारी दिए घर से निकल गए थे। वे पहले मुरारोई रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से बरहरवा स्टेशन आए थे। बच्चों ने बताया कि वे रोजगार और मजदूरी की तलाश में लखनऊ जाने की योजना बना रहे थे।

बच्चों के कथनों और उनकी गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए आरपीएफ टीम ने उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से अपने संरक्षण में लिया और आवश्यक पूछताछ के बाद आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया। इसके बाद सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि मानव तस्करी और बाल श्रम की आशंका को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत चारों नाबालिग बालकों को आगे की कार्रवाई, परामर्श एवं पुनर्वास की प्रक्रिया के लिए मंथन संस्था, साहिबगंज की प्रतिनिधि सुश्री आराधना मंडल के सुपुर्द कर दिया गया।

आरपीएफ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें तथा किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या मानव तस्करी से संबंधित सूचना मिलने पर तत्काल रेलवे सुरक्षा बल अथवा स्थानीय पुलिस को सूचित करें। आरपीएफ की इस तत्पर कार्रवाई से चार नाबालिग बच्चों को संभावित शोषण एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जाने से बचाया जा सका।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *