असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने असम पुलिस को गिरफ्तार करने की खुली चुनौती दी थी, लेकिन उसके बाद वे हैदराबाद भाग गए। सोमवार को असम पुलिस की एक टीम दिल्ली में खेड़ा के आवास पर पहुंची थी, जहां उन्हें एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खेड़ा ने पहले असम पुलिस को चुनौती दी थी, लेकिन जब पुलिस उनके दिल्ली स्थित घर पर जांच के लिए पहुंची, तो वे मौके से फरार हो गए और हैदराबाद चले गए। सरमा ने इसे ‘डरपोकाना हरकत’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता कानून से ऊपर नहीं हैं। यह मामला असम के मुख्यमंत्री के पत्नी द्वारा दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक बयानों का आरोप है। पुलिस टीम ने दिल्ली में उनके आवास पर पूछताछ की कोशिश की, लेकिन खेड़ा वहां मौजूद नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार, वे तुरंत हैदराबाद रवाना हो गए। असम सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय एजेंसियों से भी सहयोग मांगा है।सीएम सरमा ने कहा, “पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं और पुलिस को गिरफ्तार करने की धमकी दी। लेकिन अब वे खुद भाग रहे हैं। यह उनकी दोहरी चालाकी को दर्शाता है।” उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए असम में पार्टी की साख पर सवाल उठाए। कांग्रेस पक्ष ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पवन खेड़ा हैदराबाद में तेलुगु देशम पार्टी के नेताओं के साथ बैठक में व्यस्त बताए जा रहे हैं। असम पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है और बताया जा रहा है कि खेड़ा को इसपर समन भी भेजा है।