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शहडोल: जिला CEO के आदेशों की सरेआम धज्जियां, पैलवाह पंचायत में ‘कुर्सी’ छोड़ने को तैयार नहीं पुरानी सचिव

शहडोल: जिला CEO के आदेशों की सरेआम धज्जियां, पैलवाह पंचायत में ‘कुर्सी’ छोड़ने को तैयार नहीं पुरानी सचिव

गोहपारू/शहडोल | शासन और प्रशासन के आदेश जब कागजों तक सीमित रह जाएं, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला जनपद पंचायत गोहपारू की ग्राम पंचायत पैलवाह से सामने आया है, जहाँ जिला पंचायत CEO शिवम प्रजापति के हस्ताक्षरित आदेश को भी ठेंगा दिखाया जा रहा है। जिला स्तर से स्थानांतरण और वित्तीय प्रभार सौंपने के स्पष्ट निर्देश के बावजूद पुरानी सचिव देवकली सिंह पद पर काबिज हैं, जबकि नए सचिव अंगद सिंह प्रभार के लिए भटक रहे हैं।

सत्ता और रसूख के आगे आदेश बौने?

विदित हो कि कुछ समय पूर्व जिला पंचायत शहडोल द्वारा एक प्रशासनिक फेरबदल की सूची जारी की गई थी। इसमें ग्राम पंचायत पैलवाह की जिम्मेदारी अंगद सिंह को दी गई थी। इस आदेश का उद्देश्य पंचायत कार्यों में पारदर्शिता और गति लाना था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आदेश जारी हुए लंबा समय बीत चुका है, पर आज भी पंचायत की चाबी और ‘डोंगल’ (डिजिटल सिग्नेचर) पुरानी सचिव पप्पू सिंह सिंह के पास ही है।

उठ रहे हैं कई सवाल

अब सवाल यह उठता है कि क्या जिला पंचायत के आदेश का कोई मूल्य नहीं रह गया है? या फिर पुराने सचिव को किसी रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वह प्रभार सौंपने में आनाकानी कर रहे हैं

बिना प्रभार कैसे हो रहे वित्तीय लेन-देन ?

यह मामला न केवल आदेश की अवहेलना का है, बल्कि एक गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर भी इशारा करता है।

जब जिला CEO ने नए सचिव की नियुक्ति कर दी है, तो पुरानी सचिव किस अधिकार से वित्तीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रही हैं?

क्या जनपद पंचायत गोहपारू के अधिकारियों को.”

मनमानी की जानकारी नहीं है?

क्या जानबूझकर नए सचिव अंगद सिंह को प्रभार से वंचित रखा जा रहा है?

“प्रशासनिक व्यवस्था में आदेश का पालन अनिवार्य है। यदि पदमुक्त सचिव प्रभार नहीं सौंप रहा है, तो यह सीधे तौर पर अनुशासनहीनता और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला है।” > – (सूत्र, जिला पंचायत)

पैलवाह के विकास पर ‘ताला’

इस खींचतान का खामियाजा पैलवाह की जनता भुगत रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में चल रहे निर्माण कार्य रुक गए हैं और मजदूरों के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। नया सचिव काम शुरू नहीं कर पा रहा और पुरानी सचिव नियमतः अब अधिकृत नहीं हैं। ऐसे में पंचायत के बैंक खातों का संचालन और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधर में लटका हुआ है।

कलेक्टर और जिला CEO से हस्तक्षेप की मांग

पैलवाह के जागरूक नागरिकों ने अब इस मामले में जिला कलेक्टर और जिला CEO शिवम प्रजापति से कड़े हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही नए सचिव अंगद सिंह को पूर्ण वित्तीय प्रभार नहीं दिलाया गया, तो वे जनपद मुख्यालय का घेराव करेंगे।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन अपने ही आदेश का पालन करवा पाता है या फिर ‘सिस्टम’ इसी तरह रसूख के आगे नतमस्तक रहेगा।

इनका कहना है

मैं दो दिन से लगातार पंचायत भवन व सरपंच के पास जा रहा हूं मुलाकात नहीं हो प रही है नही चार्ज अभी तक नहीं मिला है

अंगद सिंह सचिव

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