क्यों लोग मोदी जी की बात पर यकीन नहीं कर रहें हैं!

अरुण कुमार चौधरी

पिछले छह वर्षों  से     भाजपा घरेलू राजनीति पर झूठ ,पैसा ,सी.बी.आई. तथा गोदी मिडिया का सहारा लेकर विपक्षी तथा सामाजिक व्यत्तियों को मुँह बंद करना चाहते हैं! यही इनकी काम करने की संस्कृति है! ऐसे तो भाजपा तथा मोदी झूठ को सत्य करने के लिए भाजपा में   एक बहुत बड़ा ट्रोल गुंडा का फौज है ,जो कि विपक्षी तथा भाजपा से भिन्न मत रखने वाले को गालियां देना इनका एक रूटीन बात हो गई है और इन बातों को कोई गंभीरता नहीं लेता है !परन्तु अपने नाकामी को छुपाने के लिए मोदी चीन के सीमा विबाद पर झूठ का सहारा लेकर जनता को गलत जानकारी दे रहें हैं और बीस शहीदों के बलिदान पर लीपापोती कर रहें ,इसी को लेकर राजनीति सियासत गर्म होगया है ! चीन के सीमा विबाद पर पूर्व सैनिक अधिकारी तथा नामी पत्रकार कह रहें कि चीन के सैनिक भारत माता के अंदर घुस गया है ऐसे भारत में सभी जनता सरकारके साथ खड़ा है!

Herald View: History will absolve Manmohan Singh but not Narendra Modi

मोदी के झूठ के कारण चीन भारत के खिलाफ में अंतरराष्ट्रीय स्तर बाताबरण बनाने में कामयाब दिख रहा है इसलिए देशवासी मोदी से प्रश्न कर रहें हैं

लेह लद्दाख के लोग मोदीजी के बयान से असहमति जता रहे हैं कि चीन भारत की सीमा में नहीं आ घुसा है । चरवाहों और स्थानिकों को इन इलाक़ों की स्थिति का पीढ़ी दर पीढ़ी का अनुभव है । वे बयान कर रहे हैं कि चीनी सेना हमारी सीमा के अंदर आ गई है

इस समन्ध में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौजूदा केंद्र सरकार को समय-समय पर आइना दिखाते रहे हैं. देश के तमाम बड़े मसलों पर मनमोहन सिंह सरकार को नसीहत के साथ-साथ दुष्परिणामों को लेकर आगाह भी करते रहे हैं.
अब जबकि देश सीमा पर चीन की धोखेबाजी झेल रहा है तो ऐसे वक्त में भी राहुल गांधी समेत कांग्रेस पार्टी के साथ मनमोहन सिंह ने भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा है. मनमोहन सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि भ्रामक प्रचार कभी भी कूटनीति और मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता है.

Another tweet by Rahul Gandhi asked- Why is China praising PM Modi even after the confrontation?

. मनमोहन सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार गलवान विवाद पर सीधे पीएम मोदी को घेर रहे हैं. यहां तक कि राहुल गांधी पीएम मोदी को चीन के साथ भारतीय जमीन सरेंडर वाला तक बता रहे हैं. इसके अलावा जवानों की शहादत किस क्षेत्र में हुई, इसे लेकर भी वो सवाल उठा रहे हैं. अब राहुल के साथ मनमोहन सिंह भी आ गए हैं.
15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की दगाबाजी में शहीद हुए भारतीय वीरों को सलाम करते हुए पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा. मनमोहन सिंह ने कहा, ‘आज हम इतिहास के एक नाजुक मोड़ पर खड़े हैं. हमारी सरकार के निर्णय व सरकार द्वारा उठाए गए कदम तय करेंगे कि भविष्य की पीढ़ियां हमारा आकलन कैसे करें. जो देश का नेतृत्व कर रहे हैं, उनके कंधों पर कर्तव्य का गहन दायित्व है. हमारे प्रजातंत्र में यह दायित्व देश के प्रधानमंत्री का है.

लद्दाख

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मनमोहन सिंह का बयान ट्वीट करते हुए सरकार को निशाने पर लिया है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की महत्वपूर्ण सलाह. भारत की भलाई के लिए, मैं आशा करता हूं कि PM उनकी बात को विनम्रता से मानेंगे.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की महत्वपूर्ण सलाह। भारत की भलाई के लिए, मैं आशा करता हूँ कि PM उनकी बात को विनम्रता से मानेंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और चीन के मसले पर सवाल खड़े कर रहे हैं. राहुल का कहना है कि चीन ने हमारी ज़मीन पर कब्जा कर लिया है और भारत सरकार देश से झूठ बोल रही है.अगर मनमोहन सिंह की बात करें, तो पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने बयान से षडयंत्रकारी रुख को बल नहीं देना चाहिए, साथ ही ये सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार के सभी अंग इस खतरे का सामना करने व स्थिति को और ज्यादा गंभीर होने से रोकने के लिए परस्पर सहमति से काम करें.
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों जो बयान दिया था, उसपर काफी विवाद हुआ था.

पीएम ने कहा था कि गलवान में भारत की सीमा पर कोई नहीं घुसा है, जिसपर विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे. बाद में चीनी मीडिया ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का इस्तेमाल किया था.हालांकि, बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सफाई दी गई थी कि पीएम मोदी के बयान को गलत तरीके से लिया गया है, उनका तात्पर्य सिर्फ उस जगह और घटना से जुड़ा हुआ था.

मोदी के वयान पर लोगों की प्रतिक्रिया जाने :——-

Raj Dahegam बिहार के चुनाव के लिए यह सब कुछ किया जा रहा है क्योंकि चीन सीमा पर बिहार रेजिमेंट तैनात थी इसलिए हमारे जवानों को शहीद करवाया गया है और जब जब चुनाव आते हैं तब जवानों के साथ यही करवाया जा रहा है हमारे 11 बिहारी जवानों की शहीदी का बदला जरूर लेना चाहिए कि नही…..

Mayank Kumar Meena क्रोनोलाजी समझिये
कोई लद्दाख में एक इंच नही घुसा, कोई सेना की पोस्ट पर क़ब्ज़ा नही हुआ, कोई मेजर जरनल स्तर पर बात नही हुई, कोई गालवान घाटी नही है, कोई पैंगोंग झील नही है, कोई चीन से झगड़ा नही हुआ, बस बिहार रेजिमेंट के जवानों में आपस में झगड़ा हुआ, बीस जवान आपस में ही लट्ठ बजाकर मर गए और 76 घायल हो गये, दस जवानों को चीनी शांतिभंग करने के जुर्म में पकड कर ले गये, मोदी के कहने पर छोड दिया बाकि 138 करोड भारतीय बेवकूफ है।

Ram Bhajan Yadav अपने 56 इंच छाती की झूठी शान दिखाने के लिए इन्होंने देश और दुनिया के सामने झूठ बोलकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम किया है इनके लिए देश से भी बड़ा इनकी अपनी छवि है

Rajendra Prasad Singh वाह रे शेर, तुम्हारे उपर vertman &भविष्य मे देश का नाज़ रहेगा। लगे रहो। शिर्फ देश के गरीबो के साथ गद्दारी नही करना। ईश्वर तुम्हारे साथ है।

K K Dixit मेरा साहब झूठ बोलने में माहिर है यही तो मेरी शान है।

Kumar Raghvendra देखो भाई जब तक तुम वो क्लाऊडी राडार सरीखा वाला सैटेलाईट की तस्वीर जारी नही करोगे तब तक अंधभक्त नही मानेंगे क्योकी ऐसा सैटेलाईट सिर्फ फेकुबाज का अमित मालवीय BJP IT CELL बना सकता 

Mohammed Iqbal जब एक बार मोदी जी ने कह दिया कि चीन ने कोई ज़मीन कब्जा नहीं किया है और न ही कोई पोस्ट उसके कब्जे में है और हमारे जवान चीनियों को मारते मरते शहीद हुए हैं यही कोई 43 चीनियों को नर्क में भेज दिया है तो अब झगड़ा किस बात का सब रफा दफा करो भाई कोई दूसरा काम करो

Bishnu Chakraborty शहीदो कि शहादत से मजाक.किया. जा रहा है टीक..टौक ..को तत्काल प्रभाव से बंद कर देना.चाहिए था उसपर शहीदों को श्रद्धांजली दी जा रही है यह शहीदों का घोर अपमान है टिक टौक चीनी__ ऐप__है

Bijay Narsingh K C ईण्डाेप्यास्फिक गठबन्धन वाली माेदी की घमण्डसे बिस्तारबादि नीति के कारण लद्दाख सीमा पर 20 जवान मारे जाने पर भि गठबंधन से कोई मदद नहीं मिलने के कारण वह असहाय दिखे। माेडी सीमा विवाद को निपटाने के लिए रक्षा मंत्री, अपने पुराने मित्र पुतिन से मिलने के लिए रूस की यात्रा के संदर्भ से ट्रम्प की मध्यस्थता की अस्वीकृति ने भारत संबंधों अाैर चिन घेराबन्दि रणनितिको विफल कर दिया है।

Manoj Kumar दो सवाल है..
पहला चीन की कंपनियों में काम करनेवाले भारतीय कर्मचारी क्या करें ?
दूसरा चीन की कंपनियों के साथ मिलकर बिजनेस (joint venture) करने वाली भारतीय कंपनियां क्या करें ?

Ujal Senapati बोडर पर सैनिकों की मत सारे किसान की परिबार से lockdown में मेरे सारे गरीब …..इनलोगो को भारत सरकार का गलत फैसला से मर रहे है लेकिन कैब तक कोई समाधान किउ नही …आखिर कबतक यए चलता रहेगा

Ramakant Kumar मुझे तो डर है कही ये सुनने को न मिल जाए!
चीन को खदेड़ना है तो बिहार और बंगाल मे भाजपा को वोट दे।

हमें भारतीय सेना पर गर्व है

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