बिहार में ब्राह्मणों की दुर्गति का कारण ——

राजनीतिक संवाददाता द्वारा

इस समय बिहार बिधान सभा चुनाव 2020 में सभी पार्टियों करीब-करीब अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दिया और सभी पार्टियों ने ब्राह्मण समाज की घोर उपेक्षा हुआ है जबकि ब्राह्मण समाज में बिहार में केदार पांडे ,भागवत झा आजाद, बिंदेश्वरी दुबे और जगन्नाथ मिश्र ऐसे गद्दार नेता मुख्यमंत्री रह चुके ! सभी पार्टियां ब्राह्मण को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया ऐसे एक समय बिहार में ब्राह्मण भूमिहार  तथा    50% राजपूत कांग्रेस का वोट बैंक होता था जबकि पूरी तरह से बिहार में सवर्ण भाजपा में चले गए हैं और अभी भाजपा केवल शब्दों के मायाजालों से  सवर्णों का उपयोग करता है   और अभी भी बिहार में ब्राह्मण समाज को कांग्रेस ही महत्व देती है ! इस समय पार्टियों के प्रत्याशियों की सूची में जातियों निम्म प्रकार है

बिहार चुनाव की राजनीति जाति की बात के बिना अधूरी है। इस चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू इस बार सवर्णों पर डोरे डाल रही है। सवर्ण जातियों में शामिल भूमिहारों पर कुछ ज्यादा ही मेहरबानी है। जेडीयू ने 115 में से 10 सीटों पर भूमिहार उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार का मन इस बार बदल गया है।
ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि 2010 में नीतीश कुमार एनडीए गठबंधन में थे। नीतीश कुमार ने उस वक्त साफ कहा था कि टिकट के लिए ब्राह्मण बीजेपी के पास जाएं और हम अपने खाते से दूसरों को टिकट देंगे। 2015 में नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ें। 2020 में वह फिर से बीजेपी के साथ हैं। लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देकर ट्रंप कार्ड चला था। 2020 में नीतीश कुमार का मन भी बदल गया है। इस बार सवर्ण उम्मीदवारों पर नीतीश कुमार मेहरबान हैं।

Bihar Congress chief Madan Mohan Jha flays state govt | Patna News - Times  of India

नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने इस बार भूमिहार जाति से आने वाले 10 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके अलावे इसमें 07 राजपूत और 2 ब्राह्मण भी हैं। सरायरंजन से विजय कुमार चौधरी और घोसी से राहुल कुमार को टिकट दिया है। इस बार के टिकट बंटवारे से नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है, वह बिहार की सभी जातियों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं।
आरजेडी ने अभी तक 1 को दिया

Dalit leader shot dead in Purnea, Tejashwi Yadav booked | India News,The  Indian Express

वहीं, आरजेडी ने अभी पहले फेज के लिए 71 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस सूची में सिर्फ एक भूमिहार उम्मीदवार का नाम है। मोकामा से अनंत सिंह को आरजेडी ने टिकट दिया है। इसके साथ एक ब्राह्मण राहुल तिवारी को टिकट दिया गया है। राहुल तिवारी आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी के बेटे हैं।
वहीं, बीजेपी ने बेस वोटरों पर फोकस किया है। बीजेपी ने इस चुनाव में 6 भूमिहार, 7 राजपूत और 3 ब्राह्मणों को टिकट दिया है। हालांकि अभी तक बीजेपी ने दूसरे और तीसरे फेज के उम्मीदवारों की सूची नहीं जारी की है। ऐसे में यह सवर्ण उम्मीदवारों की संख्या और भी बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि बिहार में सवर्ण बीजेपी के बेस वोटर हैं। सवर्ण वोटरों का रुझान बीजेपी के प्रति ही रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार ने इस वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने आरजेडी के वोट बैंक में भी सेंध लगाने की कोशिश की है।
कांग्रेस ने पहले चरण के चुनाव में सवर्णों के साथ दलित कार्ड खेला है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक द्वारा बुधवार को जारी पहले चरण के 21 उम्मीदवारों की सूची में सबसे अधिक 15 सवर्ण जाति के उम्मीदवार हैं। दूसरे नम्बर पर चार अनुसूचित जाति और दो पिछड़ी जाति।
कांग्रेस शुरू से ही सवर्ण, अल्संख्यक और अनुसूचित जाति को अपना आधार वोट मानती है। लेकिन सवर्णों के भाजपा के साथ चले जाने से इसके आधार वोट में क्षरण हुआ है। अब एक बार फिर से उस वोट को अपने पक्ष में लाने की कवायद पार्टी ने शुरू कर दी है। इसके लिए पहले चरण के उम्मीदवारों में सवर्णों में भी सबसे अधिक उसने भूमिहार उम्मीदवारों पर बाजी लगाई है। इस जाति के सात उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। सवर्णों में दूसरे नम्बर राजपूत से पांच और ब्राह्मण से दो उम्मीदवार पार्टी ने दिये हैं। एकमात्र कायस्थ उम्मीदवार को उसने करहगर से उतारा है।
इसके बाद पार्टी ने चार अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके लिए पार्टी ने अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित राजपुर, चेनारी, कुटुम्बा और सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र को अपने खाते में लिया है। पिछड़ी जाति के दो उम्मीदवारों में उसने एक कहलगांव से अपने विधायक दल के नेता सदानंद सिंह के पुत्र शुभानंद मुकेश को टिकट दिया है। वह कुर्मी जाति के हैं। साथ ही युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यादव जाति के ललन यादव को सुल्तानगंज से टिकट दिया है।

 

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