सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या या साजिश के तहत हत्या

अरुण कुमार चौधरी

यूँही मर मर के जिएँ वक़्त गुज़ारे जाएँ, ज़िंदगी हम तिरे हाथों से न मारे जाएँ
अब ज़मीं पर कोई गौतम न मोहम्मद न मसीह,
आसमानों से नए लोग उतारे जाएँ
वो जो मौजूद नहीं उस की मदद चाहते हैं, वो जो सुनता ही नहीं उस को पुकारे जाएँ
हम कि नादान जुआरी हैं सभी जानते हैं, दिल की बाज़ी हो तो जी जान से हारे जाएँ… ~ अहमद फ़राज़
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या से देश के प्रबुद्ध लोग तथा फिल्मी जगत के लोग स्तब्ध है   साथ ही साथ उनके परिवार पर बड़ी ही  दुख का   पहाड़ टूट गया!   फिल्मी दुनिया एक अजूबा ही दुनिया है कलः मुंबई में उनकी अंत्येष्टि हो गई है ,इस अंत्येष्टि में मुंबई के कई फिल्मी कलाकार मौजूद थे !   सुशांतके मृतक शरीर का       डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, परंतु उसमें कोई भी हत्या की साजिश नहीं लग रही है! ऐसे तो मुंबई पुलिस कई तरह की छानबीन कर रही है और उनके दोस्तों से पूछताछ कर रही हैdeath news of Sushant singh rajput his father unconscious, health ...

 

आगाह अपनी मौत से कोई ‘बशर’नहीं,
सामान सौ बरस का पल की ख़बर नहीं
बशर नवाज़ का ये मक़ता (शे’र) हर दौर में ज़िन्दगी पर सटीक बैठता है. श्यामक डावर की डांस क्लासेज से एकता कपूर के प्राइम टाइम सीरियल तक पहुंचना ही यूं तो बहुत बड़ा अचीवमेंट था, छोटे पर्दे के दर्शकों में अच्छा ख़ासा क्रेज़ था मानव उर्फ़ सुशांत सिंह राजपूत के लिए पर शायद इतने में ही रुकना सुशांत सिंह राजपूत की किस्मत को मंज़ूर न था. चेतन भगत की नॉवेल पर बनी काई-पो-चे से सुशांत ने बड़े पर्दे पर न सिर्फ पहली पारी शुरु की बल्कि ख़ूब तारीफ़ भी बटोरी. स्टार स्क्रीन अवार्ड भी ले गए. फिर पीके  में छोटे से रोल से उनकी तारीफ भी हुई, डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी को भी वो पर्दे पर लेकर आए लेकिन पिछले दो दशक के सबसे बड़े क्रिकेट स्टार महेंद्र सिंह धोनी का रोल प्ले करते ही सुशांत सिंह राजपूत एक अलग लेवल पर पहुंच गए. इस फिल्म ने न सिर्फ तारीफें बटोरीं, बल्कि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का भी अम्बार खड़ा कर दिया. इसके बाद उनकी राब्ता कब आई और कब गयी किसी को पता भी न चला लेकिन केदारनाथ में फिर उन्होंने एक अलग लेवल रोमांस लोगों तक पहुंचा दिया. ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर छाई रही.
यह फिल्मी दुनिया चाकाचौंध से भरा हुआ है, यह सभी से एक अलग ही दुनिया है! इसमें पैसा, पावर और सेक्स से भरा हुआ है और  लड़के —लड़कियों    को अदाकारी से लेकर शारीरिक  संबंध तक शरीर को निचोड़ दिया जाता है ऐसी स्थिति में   उन्हें मानसिक दबाव के साथ जिंदगी जीना पड़ता है !

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की ...

इसमें  जो लोग फिल्मी  आबो  -हवा  में    अपनी     जिंदगी   ढ़ाल लेते है   तो उन्हें मानसिक दबाव नहीं झेलना पड़ता है! कामयाब ज़िन्दगी की चमक के पीछे वो कौन सा अँधेरा था जिसने सुशांत को आत्महत्या की तरफ धकेल दिया? बहुत दुखद है। हमारे लिए सबक यह है कि अकेलापन मार डालता है। इससे खुद बचने और दूसरों को बचाने की ज़रूरत है।
फिल्मी दुनिया की एक अनंत कथाएं हैं अंत होने का सवाल ही नहीं उठता है! सुशांत   का जन्म स्थान बिहार के पूर्णिया में है ,जिस धरती पर महान कवि  फणीश्वरनाथ रेणु   का जन्म हुआ है!   रेणुके कहानियों पर  कई फिल्म बने हैं    जिसमें  तीसरी कसम  प्रमुख   फिल्म है      और  उस फिल्म  में    राज कपूर कलाकार थे !

फणीश्वरनाथ रेणु से जेपी आंदोलन के ...

कई दशकों से फिल्मी दुनिया में गॉडफादर की चल रही है , गॉडफादर के मर्जी से ही फिल्मों में कलाकारों को काम मिलता है और नया कलाकार अपनी कड़ी मेहनत से फिल्मी दुनिया में अपना जगह बनाते हैं! जो नया कलाकार दृढ़ता के साथ खड़ा होकरअपनी फिल्मी दुनिया में  जगह बना लेता  हैं ,उसे किसी भी तरह का डिप्रेशन नहीं होता है !पिछलेकरीबन एक   साल तक  हास्य कलाकार श्री कपिल शर्मा डिप्रेशन में रहना पड़ा था परंतु  शादी के बाद फिर से  उन्होंने शो शुरू कर दिया !सुशांत के संबंध में जानकारी मिली है कि पिछले छह  महीनों में उनसे सात      फिल्म छीन लिया गया , जिस के   कारण सुशांत डिप्रेशन में चले गए थे!अब इस पर लोगों की गंभीर चर्चा शुरू हो गई  है

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एक्टर की मौत के बाद मुकेश भट्ट का बयान सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें एहसास हो गया था सुशांत किसी परेशानी से गुज़र रहे हैं। कुछ तो गड़बड़ है। वहीं डायरेक्टर शेखर कपूर के ट्वीट ने इन सवालों को और गहरा कर दिया। शेखर ने लिखा कि वो जानते ही इसका जिम्मेदार कौन है। हालांकि उन्होंने किसी का ना नहीं लिया। लेकिन अब महेश भट्ट के साथ काम करने वाली लेखिका सुहृता सेनगुप्ता का जो बयान सामने आया है वो डराने वाला है, हैरान करने वाला है। सेनगुप्ता के मुताबिक सुशांत की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही थी। महेश भट्ट ने कहा था कि सुशांत की हालत परवीन बॉबी जैसी हो चुकी है।
उन्हें ये मेहसूस होने लगा था कि लोग उन्हें मारने की कोशिश कर रहे हैं। एक दिन रिया और सुशांत, एक्टर के घर पर ही अनुराग कश्यप की फिल्म देख रहे थे। इस दौरान उन्होंने रिया से कहा ‘मैंने अनुराग कश्यप की फिल्म को ना कह दिया, अब वो मुझे मार देगा’।
कंगना रनौत ने साफ तौर पर कह रही हैं कि सुशांत की मौत सुसाइड नहीं बल्कि एक प्लांड मर्डर है, कंगना वीडियो में काफी गुस्से में हैं, उन्होंने कुछ जर्नलिस्टों पर निशाना साधते हुए कहा है कि कुछ पेड लोग चला रहे हैं कि सुशांत मानसिक रूप से कमजोर था, तो मैं पूछना चाहती हूं कि एक इंजीनियरिंग के इंट्रेंस एग्जाम के रैंक होल्डर का दिमाग कमजोर कैसे हो सकता है,क्या है इसके पीछे का लॉजिक !कुछ लोग कह रहे हैं कि सुशांत सिंह राजपूत साइकोटिक था, न्यूरोटिक था, एडिक्ट था, अरे संजय दत्त की एडिक्शन तो बहुत क्यूट लगती है, कोई दूसरा करे तो गड़बड़, आखिर इंडस्ट्री बाहर के लोगों को अपनाती क्यों नहीं हैं,एक बार फिर से कंगना ने बॉलीवुड में नेटिज्म के खिलाफ आवाज उठाई है और कहा है कि यहां के लोग क्यों नहीं उन लोगों को तवज्जो दे रहे हैं , जिनका कोई गॉडफादर नहीं है,अरे उसने अपने दम पर यहां पहचान बनाई थी।
रवीना टंडन ने अपने पोस्‍ट में लिखा,’ फिल्म इंडस्ट्री में मीन गर्ल गैंग मौजूद हैं. ये लोग दूसरों को अपने फायदे के लिए फिल्म से निकलवा देते है. झूठे किस्से फैला दिये जाते है, जिसके कारण कभी-कभी करियर भी बर्बाद हो जाता है. इस दौरान कुछ अपनी लड़ाई लड़ने के लिए कड़ी संघर्ष करते है तो कुछ हार जाते है. जब आप सच बोलते हैं, तो आप को एक झूठे, पागल और मानसिक रूप से बीमार होने का दर्जा मिल जाता है. जिसने इस फिल्म इंडस्ट्री में जन्म लिया और वो जो इस दुनिया में बाहर से आया है, जिन्हें आउटसाइडर कहा जाता है. ऐसा मैंने कुछ एंकर से सुना, जो इनसाइडर और आउटसाइडर कहते रहते है. पर इन सब से आपको लड़ना है. ये मुझे जितना दबाने की कोशिश करते है, उतने ही ताकत से मैं लड़ाई लड़ती हूं. गंदी राजनीति हर जगह होती है.’
शेखर कपूर ने लिखा,’ मैं जानता था कि सुशांत किस दर्द में थे. मैं उनलोगों के बारे में जानता हूं जिन्होंने आपको निराश किया, आपको रोने पर मजबूर किया. काश कि मैं पिछले छह माह आपके साथ रह पाता. काश की तुम मेरे साथ होते. तुम्हारे साथ जो हुआ वह उनके कर्म हैं, तुम्हारे नहीं. दुनिया में कोई भगवान नहीं है, यह जिंदगी का सबक है, ऐसा वे कहते थे, मैंने भी कहा था, हां यह सच है कि जीवन में सिर्फ आशा है, उम्मीद है, प्रेम है.सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या की ...

“अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कहती है कि उन्होंने फाँसी लगाकर आत्महत्या की थी. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि वो पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण क्लीनिकल डिप्रेशन का शिकार हुए थे. मुंबई पुलिस उनकी मौत के इस पहलू की भी जांच करेगी.”
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार रात एक वीडियो ट्वीट कर यह जानकारी दी है. उन्होंने वीडियो में कहा, “ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि सुशांत ने फ़िल्म इंडस्ट्री में बिज़नस राइवलरी के कारण आत्महत्या की. पुलिस इस एंगल की भी जांच करेगी.”
सुशांत यानी लाखन कहता है, “एक जन्म निकल गया इन बीहड़ों में दद्दा, अब मरने से काहे डरेंगे.”
आत्मविश्वास से लबरेज एक युवा कलाकार करोड़ों को गम में छोड़ कर सदा के लिए अलविदा कह दिया!

 

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