‘बेबस’ श्रमिकों की घर वापसी पर सियासी जंग

अरुण कुमार चौधरी

आज हमारे भारत माता पिछले दो महीनों से कूप – भाजन में चली गई है, क्योंकि भारत माता के गरीब मजदूर की जिंदगी नर्क से भी बदतर हो गया है! भारत माता अब कह रही है कि हमने नालायक लोगों के हाथ में भारत की सत्ता सौंप दिया है जिसमें अहंकार, बेईमानी, घमंड, दम्भी .और जुमलेबाज कूट – कूटकर भरा हुआ है! जिसके कारण दम रखने वाला शासक गरीब मजदूरों की अनदेखी कर अहंकार तथा दम्भी को उजागर कर रहीहै, इस समय पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण लोगों की जिंदगी को बर्बाद करने में लगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर मोदी जी अपनी नासमझी और अहंकार के कारण हमारे करोड़ों गरीब प्रवासी को आंसू पीने के लिए विवश हो गए हैं ! अब जबकि भारत में 2 महीना पहले ही लोक डाउन की घोषणा हो गई थी और उस समय कोरोना मरीजों की संख्या मात्र 600 था और उस अवधि मेंभारत सरकार पांच -छह दिन में पूरे के पूरे प्रवासी मजदूर अपने घर सुरक्षित पहुंच जाते , परंतु मोदी जी टेलीविजन पर आकर ललित निबंध पढ़ कर चले गए और लोगों को तपस्या करने कीबूटी देकर अपना काम संपन्न कर दिए !
एक दूसरा अहंकारी., दम्भी,और ढोंगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी है, जो कि योगी तो किसी भी सूरत में नहीं लग रहे हैं ये अहंकार और निरंकुश का पोषक माने जाते है और यह इनके कार्य पद्धति से अब हमारे हिंदू समाज के करोड़ों लोगों के मन में धार्मिक आस्था  पर गहरी चोट होने वाली है ,क्योंकि ये गेरुआ धारी सत्ता और सत्ता की भूख के लिए अपनी सारी मर्यादाओं को भूल कर भोग और अहंकार में लगे हुए हैं !

 

Bihar govt helped migrant workers transfers Rs 10.35 Cr in ...

हीं दूसरी ओर प्रियंका गांधी ने मजदूरों को घर पहुंचने के लिए एक हजार बस देने का ऐलान किया था ,औरयह योगी सरकार 4 दिनों से टालमटोल कर अंत में बस नहीं लिया और मजदूरों को अपनी बेबसी पर छोड़ दिया, जबकि इस समय देश के कई कोणों में छोटी-छोटी लोग भी अपनी पेट काटकर गरीबों की सेवा कर रहे हैं उनके दुख दर्द में हाथ बढ़ा रहे हैं ! कई विधवा सैनिक , और कई सामाजिक कार्यकर्ता पूरे दिन धूप में खाना का पैकेट लेकर इधर-उधर भटकते रहते हैं और जहां भूखा गरीब मिलता है, उसको खाने के लिए देते हैं ! मैं रिपोर्टिंग की समय देखता हूं कि इतने उत्साह के साथ कई समाजसेवी संस्थाएं पूरे तन मन से गरीबों की सेवा कर रही हैं  और दूसरी ओर यूपी की योगी सरकार अपने अहम के कारण प्रियंका गांधी का बस का उपयोग नहीं किया , और गरीब लोग भटकते रहे ,यह गरीबों के प्रति क्रुर मजाक है

हमारे हिंदू धर्म के ग्रंथों में लिखा हुआ है कि प्रभु राम ने सीता मैया की खोज में सबरी का  जूठे   बैर खाये तथा केवट का भी सहयोग लिया था और आज उसी श्रीराम के भूमि पर गरीबों की सेवा देने के लिए लोग    खड़े हैं , वह अहंकारी सरकार नहीं ले रहा है, क्योंकि उसे हर समय राजनीतिक फायदे और नुकसान हीं  देखते        हैं!

इस समय उत्तर प्रदेश वापस लौट रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए बस मुहैया कराने को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। वहीं, यूपी की सियासत ने दिल्ली तक हंगामा खड़ा कर दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर ट्वीट कर योगी सरकार से जांच में सही पाई गई 879 बसों के लिए अनुमति मांगी है। साथ ही दो सौ बसों नई सूची बुधवार तक सरकार को उपलब्ध कराने की बात कही है। । उन्होंने लिखा, ‘उप्र सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जांच में सही पायीं गईं। ऊंचा नागला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 बसों से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है। इधर दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुंच रही हैं। कृपया इन 879 बसों को तो चलने दीजिए…हम आपको कल 200 बसें की नयी सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे। बेशक आप इस सूची की भी जांच कीजिएगा। लोग बहुत कष्ट में हैं। दुखी हैं। हम और देर नहीं कर सकते।’  उधर, दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और पूर्व मंत्री राजीव शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस का पक्ष रखा। सुरजेवाला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हजारों लोग नंगे पांव रोज का अपना बोझ पीठ पर उठाए, बच्चे को गोदी में लिए पैदल चले जा रहे हैं। उनकी पीड़ा भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार को नजर क्यों नहीं आती? कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा और कांग्रेस के सब साथी आगे आकर 1,000 बसों का इंतजाम कर रहे हैं तो उत्तर प्रदेश की सरकार इसमें रोड़ा अटका रही है, अडंगा डाल रही है। चाहे भाजपा का झंडा लगा लीजिए: कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि आगरा जिले में ऊंचा नगला बॉर्डर पर 600 बसें खड़ी हैं। किसी को शक हो तो वहां जाकर देख सकता है। दिल्ली वाली बसें जगह-जगह पर खड़ी हैं। अगर एक बार परमिशन दें, परमिट दें, तब वो लोग घुसने देंगे। हम सहयोग करना चाहते हैं। शुक्ल ने कहा कि बसों पर बीजेपी का झंडा लगा लीजिए, इन बसों पर फोटो किसी का भी लगा लो, पर इनकी मदद करो। इस पर टाइम बर्बाद न करो। अगर ये सब बसें खड़ी हैं तो इनका उपयोग कर लो तो क्या है। आज शाम चार बजे तक अनुमति का इंतजार मंगलवार देर रात प्रियंका के निजी सचिव ने अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखकर कहा कि हम यूपी के बॉर्डर पर बसों के साथ खड़े हैं। अनुमति का इंतजार बुधवार शाम चार बजे तक करेंगे।

इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘उप्र की सरकार बसों के फ़िटनेस सर्टिफिकेट के बहाने प्रवासी मज़दूरों को सड़कों पर उत्पीड़ित कर रही है।’ भाजपा सरकार दे अपना फिटनेस का सर्टिफिकेट: अखिलेश प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर कांग्रेस पूरी तरह से सक्रिय हो गई है, जिससे केंद्र सरकार में भी हलचल मच गई है। अब कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर साथ खड़े नजर आ रहे हैं। मंगलवार को अखिलेश ने ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा, ‘उप्र की सरकार बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट के बहाने प्रवासी मजदूरों को सड़कों पर उत्पीड़ित कर रही है। भाजपा सरकार खुद अपने फिटनेस का सर्टिफिकेट दे कि इस बदहाली में क्या वो देश-प्रदेश चलाने के लायक है। अब कहां हैं पूरी दुनिया में भारत की उज्ज्वल होती छवि का ढिंढोरा पीटनेवाले।’ बस की जगह बल का प्रयोग अनुचित: अखिलेश अखिलेश यादव ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, ‘आम जनता को ये समझ नहीं आ रहा है कि जब सरकारी, प्राइवेट और स्कूलों की पचासों हजार बसें खड़े-खड़े धूल खा रही हैं तो प्रदेश की सरकार प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए इन बसों को सदुपयोग क्यों नहीं कर रही है। ये कैसा हठ है? बस की जगह बल का प्रयोग अनुचित है।’  यूपी में बसों की एंट्री को लेकर आगरा में राजस्थान की सीमा पर कांग्रेस के कार्यकर्ता मंगलवार शाम धरने पर बैठ गए। वे यूपी में बसों की इजाजत मांग रहे थे। वहीं, पुलिस ने उनसे बसों के परमिट और कागजात मांगे। इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी के यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अजय कुमार लल्लू को हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी महासचिव ने योगी सरकार पर निशाना साधा।  प्रियंका ने योगी सरकार को फिर लिखा पत्र, बोलीं- आगरा में नहीं मिल रही बसों को एंट्री! सरकार की अव्यवस्थाओं पर भड़के अखिलेश यादव, कहा- दे देना चाहिए त्यागपत्र!

इस घटना पर निम्म लोगों का प्रतिक्रिया:

योगी जी को वह दिन नहीं भूलना चाहिए जब कांग्रेस की सरकार थी और ये पां पां करके पार्लियामेंट में खड़ा खड़ा रो रहा था कि मेरी जान को खतरा है मुझे बचाओ। योगी जी गरीब मजदूर लोगों पर दया करो उनके बच्चों की और उनकी जान को खतरा है। वक्त बहुत जल्दी बदलता है याद रखना।

इन नेताओ की रैली मे हजारो बस सभा स्थल पर जमा हो जाता है । क्या इसी तरह के चेकिंग के बाद ही सारी बस सभा स्थल तक पहुचता है। रही बात संबित पात्रा की तो उनको कितनी बार जलील होते हुए देखा है ।लेकिन ये इतने बेशर्म है कि मानता ही नही ।

प्रियंका गांधी सही थी योगी सिर्फ रिवेंज की तरफ बढ़ रहै है शायद जब आज के प्रजातांत्रिक युग में सेवक जब खुद को शासक समझने लगते है तो जनता खुद ऐलान कर देती है कि दूर हटो जनता आती है । मजदूरों की दुर्दशा और सरकार की तुगलकी फरमान ने लोगो को खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है

इन ढोंगी योगी बाबाओ को मंदिर में पूजा पाठ करना सही नहीं लगा बल्कि शासन चालाना सही लगा जैसे कुत्ते को घी हज़म नहीं होता वैसे ही योगी से शासन नहीं चलेगा

अब यह देश और दुनियां के सामने उजागर हो गया है कि भारत में मजदूरों कि क्या दुर्दशा है और कौन उनका खैरख्वाह है ?

योगी क्या चाहते है कि गरीब मजदूर मर जाय क्या न आप बस देते है न ही किसी को मदद करने दे रहे है

जीव को उस के भाग्य पर छोड़ दे । जनता का भला होना था तो ये कोरोना क्यो आता। ये कुदरत की बड़ी मार पड़ी है मजदूर पर। कृपा करो प्रभु जी।

ये पार्टी सिर्फ जाहिलो और रंडवो से भरी पड़ी है जिनको उधोगपतियों की चाटने में मज़ा आता है । गरीबो से इन को कोई मतलब नही है ।

साफ दिख रहा है कि भाजपा कितनी नीच एवं गंदी राजनीति कर रही है, मजदूर बच्चे बूढ़े औरतों मरते तो मरते रहे लेकिन यह ना कांग्रेस की कोई बात मानेंगे ना कोई मदद लेंगे ना उससे मिलकर मजदूरों का कोई भला करेंगे।। इतनी घटिया निम्न दर्जे की राजनीति कभी नहीं भारत में होती थी जितनी नीच घटिया राजनीति आज

मजदूर पर कुछ ———

जिसके कंधो पर बोझ बढ़ा
वो भारत माँ का बेटा कौन।
जिसने पसीने से भूमि को सींचा
वो भारत माँ का बेटा कौन।
वह किसी का गुलाम नहीं
अपने दम पर जीता हैं।
सफलता एक एक कण ही सही
लेकिन है अनमोल जो मज़दूर कहलाता हैं।

 

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