प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमपाल के आंखों से आंसू छलका——

अरुण कुमार चौधरी

मैं दो-तीन से प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा का वीडियो देख कर मन में बहुत ही पीड़ा हो रही थी और लग रहा था कि    भारत में मोदी सरकार की घमंठ और गलत नीति के कारण लाखों मजदूरअपनी जान की प्रवाह के बिना हजारों किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए सिर पर समस्याओं का पहाड़ लेकर घर की ओर चल पड़े और मोदी सरकार एक तमाशबीन बनकर प्रवासी मजदूरों को मरने के लिए छोड़ दिया है!
इन सारी कठिनाइयों का विस्तृत चर्चा करते हुए पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री श्री सोमपाल ने बड़ी भावुक रूप से एक satyahindi.कॉम / को इंटरव्यू देते हुए कहा की मेरी इतनी लम्बी राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा की सरकार संकट में आम जनता की बातों को अनसुनी कर देती है! यह इंटरव्यू नहीं है दिल की बात है । इसमें कोई आडम्बर नहीं है छल नहीं है बल्कि ईमानदार चिंता है । सोमपाल शास्त्री जी केंद्र सरकार में कृषि मंत्री रहे, बीजेपी में रहे हैं, 2014 के बीजेपी के विजन डॉक्यूमेंट में स्वामीनाथन रिपोर्ट की संस्तुति उनकी थीं । पर अब उनकी आँखों में आँसू हैं । यह पूछने का नहीं सुनने का मौक़ा था ! सोमपाल जी ने आगे कहा कि हमें तो अब ऐसा विश्वास हो गया है कि 2014 में मोदी जी जो कहते थे कि हम एक चाय बेचने वाला हूं ,वह सरासर झूठ लगता है, क्योंकि इस समय सबसे ज्यादा कठिन परिस्थिति में गरीब लोग हैं, चाय वाला गरीबों की बात सुनने के लिए तैयारी नहीं है! जिनके पूरे दिन की आमदनी पर उनका घर का चूल्हा जलता है और उसी की बात मोदी सरकार में सुनेबाला कोई नहीं है !

 

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स्त्री    जी ने विस्तृत रूप से ग्रामीण लोगों की समस्याओं का चर्चा किया और प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा पर चर्चा करते- करते एक समय ऐसा आया कि उनकी आंखों से आंसू छलकने लगे! इस आंसू   के साथ ही बगल में एंकर भी रोना शुरू कर दिए !

हमारा इतिहास कहता है कि जब -जब भारत माता के आँचल में घमंड, अंहकार,दमन ,व्यभिचार तथा भ्रष्टाचार का दाग लग जाता है, तब -तब दाग को मिटाने के लिए प्रभु राम और कृष्ण के साथ -साथ महात्मा गाँधी, नेहरू ,सुभाष चंद्र बोस, चंद्र शेखर आजाद ,आदि कई महापुरुषों अवतरित हो जाते हैं!

अब हमें    धीरे – धीरे   विश्वास  हो रहा है   कि सोमपाल शास्त्री जी ऐसे  कई कद्दावर नेता मोदी के खिलाफ में सड़कों पर उतरेंगे ,तब मोदी    का    गद्दी हिल जायगा!

इस वीडियो को करीबन अभी तक दो लाख  लोग देख चुके हैं और एक हजार   कमेंट भी कर चुके हैं जिसमें निम्न लोगों ने अपनी-अपनी राय  व्यक्त किया हैऐसे तो मैं सभी का राय नहीं लिख सकता हूं, लेकिन मुख्य रूप से कुछ दर्शकों के राय को प्रस्तुत कर रहा हूं  जिसमें शीतल पी सिंह के सवाल पिघल गये !अंदाजा इसी से हो सकता है कि जब सोमपाल शास्त्री जी , यशवंत सिन्हा जी , अरुण शौरी जी , मुरली मनोहर जोशी , आडवाणी जी जैसे विद्वान गुमनाम हो गये ।

।मेरे पास शब्द नहीं डा. साहब आपकी प्रशंसा और बेबाकी से सभी बातें रखने के लिए आपने जो देश को अपने शब्दों जो आयना दिखया है। डॉ साहब इस समय अगर गधा यह समझ ले कि गाजर मेरे मुँह में आने वाली नहीं और एक दुलती उसको लगा दे जिसने गाजर मुहं से काफी दूरी पर रखी है तो समाधान परंतु हो सकता है।

2सोमपाल शास्त्री जी का भावुक होकर जो बात रखी वह सराहनीय कदम है अगर आज ऐसा बात कहने का हिम्मत दिखाया है वह डेबेट में मैंने कभी नहीं देखा है आज भी ऐसा आदमी कोई है जो दुसरो का दर्द के लिए निंद की गोली खानी पड़ी आपको बहुत-बहुत धन्यवाद

3Sunita Soni वेरी गुड सर बहुत अच्छा बताया आपने जिसे आप बोल रहे ना 3 दिनों से नहीं सोए मैं खुद 5 दिनों से नहीं सो रही हूं नींद नहीं आती गरीबों का दर्द देख देखकर आंखों से बार-बार आंसू आते देखकर वह तो रोना आता है कितने दुखी है गरीब लोग मासूम मासूम बच्चे इस तपती धूप में चल रहे हैं मैं क्या कहूं मैं उनके लिए कुछ नहीं कर सकती हूं लेकिन मैं ईश्वर से जरूर बात ना करती उनके लिए चार पहर हे ईश्वर उनको शक्ति देना उनके घर पहुंचा देना राजी खुशी सब अपने घर चले जाए पर सर सब दुखी है बहुत दुखी है

4मैं खुद बहुत दुखी उनको देख देख कर सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है सब मजे ले रही है यह तो इनके जेब भरे हुए करोड़ों रुपया जेब में आगे आएंगे फिर भी यह लोग गरीबों के लिए कुछ नहीं है कितने गरीब ही मिटायेंगे यह तो गरीब कोई मिटा रहे हैं खत्म कर रहे दुनिया से मैं क्या कहूंगा आप बहुत सत्य बोले मैं आपके साथ हूं आप जैसे को नेता बनाना चाहिए ऐसे अर्थशास्त्री को नेता होना चाहिए

5अनपढ़ गवार को बिठा देते देश में सब गवार मिलकर और फिर अंधभक्त देख लो आप उनकी तो ऐसी भक्ति करते हैं कि वह पूछो मत इन अंध भक्तों ने भी देश बिगड़ा आधार गुना इनका भी अंधे भक्तों का परसों की तो कोई नहीं रहेगा

6सर कोई बात नहीं की गरीबों की हाय ले लो तुम सब किसने कितना करोगे ईश्वर भी देख रहा है बस ईश्वर से यही प्रार्थना इन द गरीब की रक्षा करो डॉक्टर साहब आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपने बहुत अच्छी बात बताई मैंने अपने जीवन में इतनी लंबी बात किसी की सुनी नहीं लेकिन आज आपको मैंने पूरा सुना thanks you are greatहमारे भारत देश में इतने महान बुद्धिमान लोग हैं तब मोदी किन बेवकूफ लोगोंके साथ है!

7Purushottam Kumar Kalyania शास्त्री साहब के मुंह से जो राजनीति से परे सच्चाई सुनी यूँ कहिये कि यह वास्तविकता हैl मानवता को कचोट रही है आज की स्तिथि…. मजदूर वर्ग को तो कीड़ा मकोड़ा समझा जा रहा है… राजनीति का एक चेहरा ऐसा भी होता है….

8Pawan Pandey शास्त्रीजी आपकी देश के मजदूरों व किसानों के साथ जो हमदर्दी व्यक्ति की है वह काविलै तारीफ़ है और आपके आंखों में आऐ आशुओं को देखा फिर मै भी अपने आंशुओं कोरक नहीं पाया आदरणीय सोमपाल शास्त्री जी

9Riyaz Quadri सोमपाल शास्त्री जी का भावुक होकर जो बात रखी वह सराहनीय कदम है अगर आज ऐसा बात कहने का हिम्मत दिखाया है वह डेबेट में मैंने कभी नहीं देखा है आज भी ऐसा आदमी कोई है जो दुसरो का दर्द के लिए निंद की गोली खानी पड़ी आपको बहुत-बहुत धन्यवाद

बस इन्हीं शब्दों के साथ ———

मेरे भी,बूढ़े माँ-बाप, मेरी राह देखते हैं।
*मुझे भी अपनी माटी का कर्ज़ चुकाना है।
मुझे मां-बाप को वृद्धाश्रम नहीं पहुंचाना है।
मैं नाप लूंगा सौ योजन पांव के छालों पर।
मैं चल लूंगा मुन्ना को रखकर कांधों पर।
*पर अब मैं नहीं रुकूँगा जेठ के तपते सूरज में।

मैं चल पड़ा हूँ अपनी मंज़िल की ओर।
गर मिट गया अपने गाँव की मिट्टी में
तो खुशनसीब समझूंगा।
औऱ गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा,
तेरा शहर बसाने को।

पर आज मत रोको मुझको,
*बस मुझे अब जाने दो।

 

 

 

 

 

 

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