सीसीएल के भ्रष्‍टाचार का पर्दाफाश

अरुण कुमार चौधरी

पूरे विश्व  में कोरोना  संकट  महामारी चरम सीमा पर है इसलिए आम   लोग अभी जान की प्रवाह कर रहे हैं! लोग अभी जान बचाने के लिए तरह-तरह का उपाय कर रहे हैं और इसी   बीच    भ्रष्टाचारी लोग अपनी कमाई दोगुनी कर रही है! कल्ह ही सी बी आई ने सीसीएल के एक जीएम को  गिरफ्तारी  किया   है!

CCL बरका-सयाल के महाप्रबंधक को CBI ने 26 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ धर दबोचा

ऐसे तो सीसीएल में भ्रष्‍टाचार का जड़ बहुत ही गहरा है, क्योंकि यहां पर कोयल माफिया यानि ट्रेड यूनियन के नेता ,बड़े -बड़े सीसीएलके अधिकारी तथा नक्सली का गठजोड़ है! सीसीएल में जितना भी ठीकेदारी होता है उसमें परोक्षय रूप से ट्रेड यूनियन नेता का हिस्सा रहता है! ये ठीकेदार ट्रेड यूनियन के लठैत के रूप में काम करते हैं !तथा इसी लठैत के सहारे    नेताजी का यूनियन चलता है ! इसके अलावे पूर्व मंत्री स्व .राजेंद्र बाबू ,पूर्व सांसद पांडेय जी ,महेश सिंह ,कांग्रेस के झाजी ,वाम दल के झाजी, पूर्व मंत्री ददई दूवे, तथा अन्य कई छोटे – छोटे नेता हैं! कुछ वर्षों से बरसों से  सभी दल के यूनियन नेता एरिया को बांट लिए हैं  सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए जिस जीएम का गिरफ्तार किया है उस बरका -स्याल एरिया में वयोवृद्ध नेता   रविंद्र कुमार जी का वर्चस्व है, अभी इस एरिया में  झारखंड मुक्ति मोर्चा तथा  अन्य दलों का भी वर्चस्व धीरे-धीरे बढ़ रहा है !जहां तक सीसीएल में कमीशन की बात है  जो कि  सर्व -विदित है कि  जूनियर ऑफिसर को 3% कमीशन से सीसीएल के सीएमडी तक का कमीशन बना हुआ है और सभी   अधिकारी तथा नेता का हिस्सा लिफाफ में चुपचाप पहुँच जाता है

सीसीएल बरका-सयाल के जीएम व पीए को सीबीआइ ने 26 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा

सोमवार को सीबीआई के भ्रष्‍टाचार निरोधक शाखा ने सीसीएल बरका-सयाल के महाप्रबंधक प्रशांत वाजपेयी को 26 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई रांची की टीम बरका-सयाल प्रक्षेत्र में ट्रैपिंग के लिए पहले से जमी हुई थी. जीएम की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने उनके कार्यालय में कागजातों को खंगाला. बाद में टीम प्रशांत वाजपेयी को साथ लेकर निकल गई.गिरफ्तार करने के बाद जीएम व उनके महिला पीए को सयाल रेस्ट हाउस में सीबीआइ की टीम पूछताछ कर रही है। वहीं जीएम व पीए के आवास व कार्यालय तलाशी जारी है। सीबीआई की एक टीम सीसीएल अरगड्डा प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय जाकर विभिन्न तरह के कागजातों को खंगाल रही है। रांची से आई सीबीआइ टीम में एक महिला अधिकारी सहित दो दर्जन से अधिकारी शामिल हैं। घूस लेते पकड़े गए प्रशांत वाजपेयी करीब एक माह पूर्व ही सीसीएल के बरका-सयाल प्रक्षेत्र में बतौर महाप्रबंधक योगदान दिया था।वे सीसीएल अरगड्डा प्रक्षेत्र के भी प्रभारी महाप्रबंधक हैं   गिरफ्तार को लेकर सीबीआई रांची की ओर से कहा गया कि प्रशांत वाजपेयी, जीएम, बरका सयाल एरिया और उनके पीए अपर्णा सेनगुप्ता के खिलाफ शिकायतकर्ता दिग्विजय सिंह, मैसर्स जय मां एंटरप्राइजेज, भुरकुंडा ने रिश्‍वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया कि प्रशांत वाजपेयी ने टेंडर को अपनी अंतिम स्वीकृति देने के लिए निविदा अनुशंसा समिति द्वारा अनुशंसित 13 लाख रुपये के कुल वर्क ऑर्डर का 2 प्रतिशत रिश्‍वत की मांग की थी.

CBI के ट्रैप में फंसे CCL बरका-सयाल के GM ...

इसके बाद सोमवार को जीएम की ट्रैपिंग के लिए जांच एजेंसी ने जाल बिछाया, जिसमें शिकायतकर्ता से रिश्‍वत की रकम लेने के दौरान दोनों अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। सीबीआइ ने इन दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 आर/डब्‍ल्‍यू धारा 120 बी की आइपीसी की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के परिसरों में तलाशी चल रही है। सीबीआई को इस मामले में कुछ और खुलासे की उम्मीद है।

 

                                                  निवेदन
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