अररिया की ना ही तकदीर बदली और ना ही संवरी

आलोक कौशिक, अररिया 1990 में जिला बना। लेकिन लोकसभा का राजनीतिक पिच यहां 1967 में ही तैयार हो गया था। इन 52 सालों में अररिया लोकसभा क्षेत्र की तस्वीर भी बदली और तासीर भी बदला। आरक्षित सीट सामान्य हो गई। पूरा जिला एक संसदीय क्षेत्र में समा गया। कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल, भाजपा, राजद सबने इस पर राज किया। इन सबके बीच दुर्भाग्य यह कि अररिया की ना ही तकदीर बदली और ना ही संवरी। आज अररिया देश के 115 सबसे पिछड़े जिलों में शुमार होकर अपने राजनीतिक रहनुमाओं…

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अररिया बिहार का मौजूदा राजनीतिक अनुसंधान केन्द्र

आलोक कौशिक, राजनीति का अनुसंधान केन्द्र बिहार को कहा जाता है। जब भी राजनीति में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी गई, उसमें बिहार का बड़ा योगदान था। यह आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद भी समान रूप से चलता रहा। जेपी आंदोलन हो या आपातकाल, बिहार की सहभागिता हमेशा देश के अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा ही रही। बिहार की वर्तमान राजनीति में भी बड़े बदलाव के तो नहीं लेकिन उलटफेर के संकेत दिख रहे हैं। राजनीतिक गलियों में जारी इस उठापटक से राजनीतिक पंडित और जानकर भी इंंकार…

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