भाजपा गरीबों की मौत पर मौन और हथिनी की मौत पर उफान

अरुण कुमार चौधरी

केरल   का  पलक्कड़  में  गर्भवती हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खिलाया गया , उसके बाद हथिनी की मौत हो गई थी। हथिनी की दर्दनाक मौत के बाद  राजनीतिक हलचल तेज हो गई और भाजपा यानी मोदी सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए एजेंडे की तलाश में कर रहा ही है और इसमें मिल गया केरल की हथनी की मृत्यु ! इस मौत पर पूर्व केंद्रीय मंत्री    मेनका गांधी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जावेदकर के साथ-साथ गोदी मीडिया भी कूद पड़ा और केरल सरकार के विरोध में अभियान चला दिया !और साथ में संप्रदायिक रंग देना भी शुरू कर दिया

किसी भी प्राणी की हत्या पर आवाज उठाना अच्छी बात है पर अभी – अभी गरीबों की मौत पर यह केंद्रीय मंत्री, भाजपा सांसदों के मुँह से एक शब्द नहीं निकला!जबकि 70 वर्षों में पहली बार सरकार की नाकामी के कारण  भारत माता भूख-प्यास से ट्रेन में, स्टेशन, सड़कों पर मृत्यु को प्राप्त हो रही है। सड़कों पर प्रसव पीड़ा झेलती हुई मिलों मिल चलती है, लहूलुहान चलती हुई पशु की हालत को प्राप्त कर बच्चे को सड़क पर जन्म दे देती है और तुम सरकार में बैठ कर राजनीति का खेल खेल रहे हो।उस अबोध बच्चे को देख कर जो   खुट चाल से अब तक बेपरवाह है। अपनी मृत्य मां के शॉल से खेलते हुए, वह इस इन्तज़ार में है कि उसकी माँ सो कर उठेगी!    सरकार   सब के विश्वास की हत्या की है अब तक। इस बच्चे पर थोड़ी रहम तो  दिखाते मानवता के नाम पर सरकार  !

coronavirus lockdown migrant crisis child tries to wake dead mother at muzaffarpur railway station

उत्तर प्रदेश में बस्ती के रहने वाले मोहनलाल शर्मा 23 मई को झांसी से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बैठे थे. ट्रेन गोरखपुर जाकर चार दिन बाद झांसी लौट आई लेकिन मोहनलाल अपने घर नहीं पहुँचे.मोहनलाल शर्मा की लाश चार दिन तक ट्रेन में पड़ी रही और किसी को पता भी नहीं चला.

An Activist, Corona Positive, Came For The Last Darshan Of Bhanwar ...

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दिल-दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक ही परिवार के 5 लोगों के सुसाइड (Suicide) से हड़कंप मच गया है. पता चला है कि सुसाइड करने वालों में मां-बाप और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. बच्चों में दो बेटियां और एक बेटा है. शुरुआती पूछताछ में परिवार के आर्थिक तंगी के चलते सुसाइड करने की बात सामने आ रही है.

बाराबंकी में आर्थिक तंगी से परेशान शख्स ने अपनी पत्नी और 3 बच्चों की हत्या कर किया सुसाइड

उत्तर  प्रदेश के मुजफ्फरनगर  जनपद में गुरुवार की शाम किसानों की राजधानी कहे जाने वाले सिसौली गांव में 46 वर्षीय एक किसान ओमपाल पुत्र फूल सिंह ने आत्महत्या कर ली. उसने अपने ही खेत में पेड़ से लटककर जान दे दी. बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के चलते किसान अपनी खेत में खड़ी गन्ने की फसल को लेकर बेहद ही परेशान चल रहे हैं.

मुजफ्फरनगर: गन्ना किसान ने की आत्महत्या, अपने ही खेत में पेड़ से लटका मिला शव, किसान लामबंद

मोदी के नाकामी के कारण मानवीय त्रासदी  से  क्या भाजपा को शर्मिंदगी होती है! 

वहीं हाथी विशेषज्ञ और केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक डॉ. पीएस ईसा ने कहा, ‘पालतू हाथियों की गिनती में कुल 507 हाथी पाए गए थे जिनमें 410 नर और 97 मादा हैं. साल 2017 में 17 हाथियों की मौत हुई जबकि साल 2018 में 34 और साल 2019 में 14 हाथियों की मौत हुई.

सूअर को मारने के सिए बारूद से भरा अनानास रखा गया वो पलक्कड़ में एक हथिनी ने खा लिया जंगली सूअर को केरल में ही नहीं कर्नाटक में भी मारा जा रहा है। कर्नाटक के इस क़ानून पर भी नज़र दौड़ा ली जाए जहां जंगली सूअरों को मारने के लिए हरी झंडी सरकार ने दी थी। 2017 की खबरचंदन का तस्करी करने वाला और

2000 से भी ज्यादा हाथियों की मृत्यु करने वाले वीरप्पन की लड़की बीजेपी सरकार में है

मेनका गांधी ने कहा, ‘लगभग 600 हाथी मंदिरों में टांगे तोड़कर या भूखा रखकर या निजी मालिकों द्वारा डुबाकर या जंग लगी कीलें खिलाकर मार दिए जाते हैं.’

‘अगर यह सच है तो मेनका गांधी जी को बिना देर किए नैतिकता के आधार पर तुरन्त अपनी संसद सदस्यता से ही नहीं बल्कि राजनीति से भी सन्यास लेकर घर बैठना चाहिए, #ईरानी के साथ अंताक्षरी खेलना चाहिए, क्यों कि कोई इससे ज़्यादा और क्या बेनक़ाब होगा.. मुखौटा पूरी तरह से अब उतर चुका है

केरल में गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में केरल पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है. एक पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है और यह भी बताया है कि इस मामले में दो अन्य लोगों की तलाश जारी है.

पुलिस अधिकारी ने कहा, ”अभियुक्त ने इस बात की पुष्टि की है कि जिस चीज़ में विस्फोटक रखा गया था वो अनानास नहीं नारियल था. उसका नाम विल्सन है.”

हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसका पूरा नाम यही है या कुछ और.

2017 के सेन्सस के अनुसार हाथियों की कुल संख्या भारत में 29964 है।
इतिहास बताता है कि भारत के हर क्ष्रेत्र में मोगलों के काल में हाथी थे।
हाँ, राणा प्रताप का घोड़ा प्रसिद्ध है परंतु हाथी था जिसका नाम था रामप्रसाद। बहादुर शाह ज़फ़र का हाथी मौला बख़्श था।
क़ुरान में तो सूरा नंबर 105 ही अल्फ़िल यानी हाथी है।
यह फील ही फीलवान और फिर पीलवान यानी महावत बन गया।
इसलिए हाथी को किसी मज़हब से मत जोड़िये।

 

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उत्तर प्रदेश में बस्ती के रहने वाले मोहनलाल शर्मा 23 मई को झांसी से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बैठे थे. ट्रेन गोरखपुर जाकर चार दिन बाद झांसी लौट आई लेकिन मोहनलाल अपने घर नहीं पहुँचे.मोहनलाल शर्मा की लाश चार दिन तक ट्रेन में पड़ी रही और किसी को पता भी नहीं चला.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दिल-दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक ही परिवार के 5 लोगों के सुसाइड (Suicide) से हड़कंप मच गया है. पता चला है कि सुसाइड करने वालों में मां-बाप और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. बच्चों में दो बेटियां और एक बेटा है. शुरुआती पूछताछ में परिवार के आर्थिक तंगी के चलते सुसाइड करने की बात सामने आ रही है.

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर  जनपद में गुरुवार की शाम किसानों की राजधानी कहे जाने वाले सिसौली गांव में 46 वर्षीय एक किसान ओमपाल पुत्र फूल सिंह ने आत्महत्या कर ली. उसने अपने ही खेत में पेड़ से लटककर जान दे दी. बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के चलते किसान अपनी खेत में खड़ी गन्ने की फसल को लेकर बेहद ही परेशान चल रहे हैं.

मोदी के नाकामी के कारण मानवीय त्रासदी  से  क्या भाजपा को शर्मिंदगी होती है! 

 

 

 

 

 

वहीं हाथी विशेषज्ञ और केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक डॉ. पीएस ईसा ने कहा, ‘पालतू हाथियों की गिनती में कुल 507 हाथी पाए गए थे जिनमें 410 नर और 97 मादा हैं. साल 2017 में 17 हाथियों की मौत हुई जबकि साल 2018 में 34 और साल 2019 में 14 हाथियों की मौत हुई.

सूअर को मारने के सिए बारूद से भरा अनानास रखा गया वो पलक्कड़ में एक हथिनी ने खा लिया जंगली सूअर को केरल में ही नहीं कर्नाटक में भी मारा जा रहा है। कर्नाटक के इस क़ानून पर भी नज़र दौड़ा ली जाए जहां जंगली सूअरों को मारने के लिए हरी झंडी सरकार ने दी थी। 2017 की खबरचंदन का तस्करी करने वाला और

2000 से भी ज्यादा हाथियों की मृत्यु करने वाले वीरप्पन की लड़की बीजेपी सरकार में है

मेनका गांधी ने कहा, ‘लगभग 600 हाथी मंदिरों में टांगे तोड़कर या भूखा रखकर या निजी मालिकों द्वारा डुबाकर या जंग लगी कीलें खिलाकर मार दिए जाते हैं.’

‘अगर यह सच है तो मेनका गांधी जी को बिना देर किए नैतिकता के आधार पर तुरन्त अपनी संसद सदस्यता से ही नहीं बल्कि राजनीति से भी सन्यास लेकर घर बैठना चाहिए, #ईरानी के साथ अंताक्षरी खेलना चाहिए, क्यों कि कोई इससे ज़्यादा और क्या बेनक़ाब होगा.. मुखौटा पूरी तरह से अब उतर चुका है

केरल में गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में केरल पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है. एक पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है और यह भी बताया है कि इस मामले में दो अन्य लोगों की तलाश जारी है.

पुलिस अधिकारी ने कहा, ”अभियुक्त ने इस बात की पुष्टि की है कि जिस चीज़ में विस्फोटक रखा गया था वो अनानास नहीं नारियल था. उसका नाम विल्सन है.”

हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसका पूरा नाम यही है या कुछ और.

2017 के सेन्सस के अनुसार हाथियों की कुल संख्या भारत में 29964 है।
इतिहास बताता है कि भारत के हर क्ष्रेत्र में मोगलों के काल में हाथी थे।
हाँ, राणा प्रताप का घोड़ा प्रसिद्ध है परंतु हाथी था जिसका नाम था रामप्रसाद। बहादुर शाह ज़फ़र का हाथी मौला बख़्श था।
क़ुरान में तो सूरा नंबर 105 ही अल्फ़िल यानी हाथी है।
यह फील ही फीलवान और फिर पीलवान यानी महावत बन गया।
इसलिए हाथी को किसी मज़हब से मत जोड़िये।

 

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