बखरी विधानसभा सीट सीपीआई का गढ़

विशेष संवाददाता द्वारा

बेगूसराय;    इस समय बिहार बिधान सभा के चुनाव में सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज हो रही है और करीबन 70 के दशक से बेगूसराय जिला कम्युनिष्टों पार्टियों का गढ़ रहा है इस जिला को लेनिन ग्राड कहा जाता है इसी क्रम में बेगूसराय का  बखरी    विधानसभा सीट भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) का गढ़ मानी जाती है. अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित बखरी सीट से सीपीआई ने रिकॉर्ड 10 बार जीत दर्ज की है. 2015 के चुनावों में महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी उपेंद्र पासवान ने जीत दर्ज की थी.
सीपीआई ने बखरी सीट पर 10 बार जीत दर्ज की2015 में राजद उम्मीदवार उपेंद्र पासवान MLA बनेंइस बार महागठबंधन और एनडीए में मुकाबला
बेगूसराय जिले की बखरी विधानसभा सीट भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) का गढ़ मानी जाती है. अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित बखरी सीट से सीपीआई ने रिकॉर्ड 10 बार जीत दर्ज की है. 2015 के चुनावों में महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी उपेंद्र पासवान ने जीत दर्ज की थी.
2015 में राजद के उपेंद्र पासवान ने 72,632 (49.3%) मतों के साथ अपने निकटतम बीजेपी उम्मीदवार रामानंद राम को शिकस्त दी थी. रामानंद राम 32,376 (22.0%) मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे, वहीं अपने मजबूत आधार की बदौलती जीत हासिल करती रही सीपीआई को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा. पार्टी उम्मीदवार सूर्यकांत पासवान को 29,185 (19.8%) मत मिले थे.
इसी तरह 2010 के चुनावों में बीजेपी के रामानंद राम ने 43,871 (37.0%) मतों के साथ जीत हासिल की जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के विनोद राम पासवान 25,459 (21.5%) वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे. सीपीआई के सूर्यकांत पासवान 20,836 (17.6%) तीसरे स्थान पर रहे.

इससे पहले, अक्टूबर 2005 और फरवरी 2005 के चुनावों में सीपीआई के राम बिनोद पासवान ने राजद के रामानंद राम को मात दी थी. वर्ष 2000 के चुनावों में राजद के रामानंद राम ने सीपीआई के राम विनोद पासवान को हराया था. सीपीआई के टिकट पर राम विनोद पासवान ने 1995 के चुनावों में बीजेपी के कामेश्वर चौपाल, 1990 में कांग्रेस के देव नाराणय चौधरी और 1985 में कांग्रेस के युगल किशोर शर्मा को मात दी थी. 1980 के चुनावों में सीपीआई ने राम चंद्र पासवान को अपना उम्मीदवार बनाया जिन्होंने कांग्रेस के युगल किशोर शर्मा को शिकस्त दी थी. सीपीआई के राम चंद्र पासवान ने 1977 में भी जनता पार्टी के मेदनी पासवान को पटखनी दी थी.
1972 के चुनाव राम चंद्र पासवान सीपीआई के टिकट पर जीते. 1967 और 1969 के चुनाव में सीपीआई से युगल किशोर शर्मा ने जीत हासिल की. 1962 में कांग्रेस ने मेदनी पासवान को उम्मीदवार बनाया जिन्होंने जीत हासिल की. इससे पहले 1951 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े शिवब्रत नारायण सिन्हा ने जीत हासिल की थी.
जनगणना 2011 के आंकड़ों के मुताबिक बखरी विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी 400325 थी जिसमें 90% जनसंख्या गांवों में और 10% लोग शहरों में रहते हैं. इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति का अनुपात क्रमशः 19.26 और 0.02 फीसदी है. 2015 के चुनावों में यहां 59.69% मतदान हुआ था.

नौकरी पाने के लिए हर पल birsatimes.com के सम्पर्क में रहें!

 

Related posts

Leave a Comment