कांग्रेस पार्टी के संकटमोचक थे अहमद पटेल

दिल्ली व्यूरो
दिल्ली: 71 वर्षीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने बुधवार सुबह दुनिया को अलविदा कह दिया, उनका जाना कांग्रेस पार्टी की बहुत बड़ी क्षति है, आज उसने अपने संकटमोचक नेता को खो दिया है। मालूम हो कि बुधवार सुबह अहमद पटेल ने मेंदाता अस्पताल में अंतिम सांस ली, वो कोरोना से संक्रमित थे और 15 नवंबर से मेंदाता में भर्ती थे। मालूम हो कि 21 अगस्त 1949 को गुजरात में जन्मे अहमद पटेल गांधी परिवार के काफी करीबी कहे जाते थे। अहमद पटेल तीन बार लोकसभा सांसद चुने गए थे , इसके अलावा वो 5 बार राज्यसभा के सांसद चुने गए थे, गुजरात से वह फिलहाल एकमात्र मुस्लिम सांसद थे। मालूम हो कि अहमद पटेल ने साल 1977 में 26 साल की उम्र में पहली बार भरूच से लोकसभा चुनाव जीता था, साल 2018 के अगस्त के महीने में उन्हें कांग्रेस में कोषाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया था। संकट की हर घड़ी में अहमद पटेल पार्टी और गांधी परिवार के साथ हमेशा खड़े नजर आए। वो पर्दे के पीछे की राजनीति में भरोसा करते रहे। गुजरात का उपचुनाव हो या फिर उना कांड हो या आंध्र में रोहित वेमूला की आत्महत्या का मामला अहमद पटेल ने हर जगह कांग्रेस पार्टी के खेवनहार का काम किया, उनकी व्यवहारकुशतला का ही नतीजा था कि उनकी पहुंच राजनीतिक पार्टियों से लेकर औद्योगिक घरानों तक थी। सोनिया गांधी समेत कई दिग्गजों ने आज अहमद पटेल के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। सोनिया गांधी ने कहा कि आज मैंने अपना एक वफादार सहयोगी, एक दोस्त और एक ऐसे कॉमरेड को खो दिया, जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता है मैं उनके निधन पर शोक व्यक्त करती हूं तो वहीं राहुल गांधी ने कहा कि अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के एक स्तंभ थे, वह अपने सबसे कठिन समय में पार्टी के साथ खड़े रहे, वह एक जबरदस्त संपत्ति थे, हम उन्हें हमेशा याद करेंगे। तो वहीं पीएम मोदी ने भी अहमद पटेल के निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट किया कि अहमद पटेल जी के निधन से दुखी हूं, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई साल समाज की सेवा में बिताए, अपने तेज दिमाग के लिए जाने जाने वाले अहमद पटेल को कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका हमेशा याद की जाएगी. उनके बेटे फैजल से बात की है और संवेदना व्यक्त की,अहमद भाई की आत्मा को शांति मिले।

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