सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या या साजिश के तहत हत्या

अरुण कुमार चौधरी यूँही मर मर के जिएँ वक़्त गुज़ारे जाएँ, ज़िंदगी हम तिरे हाथों से न मारे जाएँ अब ज़मीं पर कोई गौतम न मोहम्मद न मसीह, आसमानों से नए लोग उतारे जाएँ वो जो मौजूद नहीं उस की मदद चाहते हैं, वो जो सुनता ही नहीं उस को पुकारे जाएँ हम कि नादान जुआरी हैं सभी जानते हैं, दिल की बाज़ी हो तो जी जान से हारे जाएँ… ~ अहमद फ़राज़ बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या से देश के प्रबुद्ध लोग तथा फिल्मी जगत के लोग…

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