रांची की मेयर झूठ बोल रही है -सुप्रियो भट्टाचार्य

इस समय देश में तथा दुनिया में कोविड-19 पूरी तरह से फैला हुआ है ,सभी लोग केंद्र सरकार के आदेशानुसार झारखंड सरकार एवं अन्य सभी राज्यों की सरकार काम कर रही है, परंतु स्थानीय भाजपा के लोग हेमंत सरकार कोअलूल    जलूल बातों में उलझा कर फसाना चाहती है, हम लोग जैसा कि जानते हैं मेयर का एक गरिमापूर्ण पद होता है, वह वह शहर का प्रथम व्यक्ति होता है तथा उस पद की गरिमा को झूठ पर झूठ बोलकर हेमंत सरकार से  गलत- शलत मांगे मांग रही है ! मेयर के पीछे झारखंड के वरिष्ठ भाजपा   नेता लगे हुए हैं, जो पीछे से मेयर क़ो उस्का रहें हैं! मेयर  की मांग तर्कसंगत नहीं हैं, जिस के कारण सरकार उनकी मांगों को मांगने में असमर्थ हैं!

अभी ऐसे इस समय में कोई राजनीतिक बात नहीं होनी चाहिए ,  मेयर अपने पद की गरिमा के अनुसार राज्य सरकार को पूरी तरह से मदद करना चाहिए, ना की राजनीति करनी चाहिए!  ऐसे तो अभी झारखंड में कोई चुनाव नहीं है फिर भी भाजपा अपने एजेंडे को चलाने के लिए तरह तरह का हथकंडा अपनाते रहते हैं इसी संबंध में जिनके जेएमएम के प्रवक्ता श्री सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि वैश्विक संकट के इस दौर में रांची की मेयर श्रीमती आशा लकड़ा जी के द्वारा जिस प्रकार वर्तमान हेमन्त सोरेन सरकार के विरुद्ध आधारहीन एवं झूठ से लदे वक्तव्य दिए जा रहे हैं, उसकी जितनी भी निंदा की जाय, वह कम होगा। रांची नगर निगम ने गत वित्तीय वर्ष में पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास जी से 19.77 करोड़ रुपये का मांग रखा था, जिसके एवज में उन्हें कुछ भी नहीं मिला और चूंकि वो भाजपा की सरकार थी, इसलिए मेयर अपना दायित्व नही समझी और कोई बयान नही दिया। अब चूकि राज्य में श्री हेमन्त सोरेन जी की सरकार है और उन्होंने रांची नगर निगम को 11.80 करोड़ रुपए दिए, उसको मेयर द्वारा सार्वजनिक न कर उल्टा सरकार पर आरोप मढ़ रही हैं कि उन्हें केवल 44.50 लाख रुपए मिले। मेयर द्वारा इस प्रकार रांची नगर निगम के विगत आठ वर्षों की विस्तृत कार्यों की गहन समीक्षा करने का समय आ गया है और उनसे हर योजना के एक-एक पाई की हिसाब भी ली जाएगी। मेयर के साम्प्रदायिक वक्तव्य, उनके द्वारा लोगों के बीच नफरत के संदेश दिए जा रहे हैं।

जबकि वो एक संवैधानिक पद पर बैठी हुई हैं। मेयर एवं उनके साथ रहने वाले लोगों द्वारा जन संवाद मध्यमों को भी प्रताड़ित किया जाता है एवं कई तरह की धमकियां दी जाती है। उन्हें यह धमकी दी जाती है कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है, उनके खिलाफ छापने पर कोर्ट में खड़ा किया जाएगा। मेयर महोदया को यह सलाह है कि संकट के इस दौर में ओछी साम्प्रदायिक राजनीति को छोड़ें एवं सरकार तथा प्रशासन के साथ समन्वय बैठा कर सभी वार्डों में समयानुसार एवं उपयुक्त साफ-सफाई की व्यवस्था पर नज़र रखे तथा घर-घर शुद्ध पेय जल पहुंचे एवं खराब पड़े चापानलों की मरम्मती सुनिश्चित करें।

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