नीतीश कुमार छात्र और गरीब के दुश्मन

अरुण कुमार चौधरी

आज झारखंड के लिए एक अच्छी खबर सुबह- सुबह ही आई की तेलंगना से झारखंड के मजदूर में झारखंड की ओर ट्रेन से चल चुके हैं, इसमें करीबन 1200 मजदूर है ,और प्रत्येक डिब्बे में केवल 54 यात्रियों को बैठाया गया और 24 को है !यह ट्रेन आज रात 11:00 बजे हटिया पहुंच जाएगी! लोगों का कहना है कि ट्रेन से मजदूरों को लाने में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अथक प्रयास किया जिसका परिणाम शुरू हो गया है जहां भाजपा के विधायक उपवास का दिखावा कर रहे, हेमंतजी दूसरे राज्यों में फँसे श्रमिकों को वापस लाने हेतु लगातार पहल कर रहे थें। आज उसी का नतीजा है की तेलंगाना से श्रमिकों को लेकर पहली ट्रेन झारखण्ड की ओर अग्रसर है।दूसरी ओर पड़ोसी राज्य बिहार में बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार मजदूरों तथा छात्रों को लाने के लिए दोनों हाथ खड़ा कर दिए हैं, नीतीश कुमार के वरिष्ठ मंत्री सुशील मोदी तथा अशोक कुमार ने स्पष्ट कह दिया है कि सरकार की क्षमता नहीं है कि हम बस से मजदूर और छात्रों को बिहार ला सकें ,इसलिए केंद्र सरकार रेल शुरू करें तथा वे मुफ्त में ट्रेन से बिहार पहुंचा! बिहार सरकार की मानसिकता दर्शाती है कि उसे बिहार के मजदूरों से कोई लेना- देना नहीं है, क्योंकि गरीब का वोट  चुनाव के समय में डिसाइडिंग फैक्टर नहीं हो  हैं

नितीश कुमार पिछले 15 वर्षों में बिहार के लिए सिर्फ गिने-चुने कार्य किए हैं और इन्होंने अपनी इमेज को बनाने के लिए तरह- तरह से मीडिया में प्रोजेक्ट किया जिस के कारण आम लोगों के मन में एक सुशासन बाबू स्थापित हो गए !अभी सुशासन बाबू अहंकार में डूबे हुए हैं, क्योंकि लोकभा के चुनाव में 40 में से 39 सीटें एनडीए ने जीता था और उसमें सभी क्षेत्र में लाख ,दो लाख, चार लाख वोट  तक जीते थे ,उसी का गुमान अभी भी नीतीश कुमार के मन में है,इस बीच बिहार के मजदूरों व छात्रों को भी अन्य राज्यों से वापस लाए जाने की मांग तेज हो रही है. राज्य सरकार ने इसपर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है.छात्रों और गरीब लोगों को लाने के लिए जहां एक और बिहार सरकार  हाथ खड़ा किए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेता पप्पू यादव कांग्रेस तथा राजद बिहारियों को बाहर से लाने के लिए बसों का इंतजाम कर रहे हैं तथा कुछ बसों का इंतजाम तो हो ही गया है! इस संदर्भ में पप्पू यादव ने नीतीश कुमार को खुली चुनौती दी है कि वह केवल चुनाव में करोङों रुपए खर्च करेंगे !श्री यादव ने आगे कहा कि हरियाली कार्यक्रम में  नीतीश कुमार अभी तक करीब 20 करोड़ रुपया  खर्च  कर    चुके हैं और कोरोना    के कारण वह कार्यक्रम बंद हो गया , लेकिन गरीबों के लिए इनके पास न पैसा है  और ना कोई योजना है !  ये   गरीबों को कीड़े -मकोड़े से भी निम्न स्तर का मानते हैं! पप्पू यादव ने कहा कि तमाम बिहार के विधायक तथा संसद अपने खर्चे से करीबन 10 बस प्रत्येक विधायक और सांसद इंतजाम करें ,जिससे बिहार के फंसे हुए बच्चे तथा मजदूर घर आ सके,  परंतु मैं कहना चाहता हूं कि अगर इस बार नीतीश कुमार ने गरीबों की सूझ  नहीं ली तो वह निश्चित रूप से हार जाएंगे ! पप्पू यादव ने आगे कहा कि हमने अपनी क्षमता के अनुसार 20 बसें कोटा में बच्चों को  लाने के लिए इंतजाम कर दिया है परंतु वहां के स्थानीय प्रशासन  की मंजूरी के बिना बच्चे नहीं आ पा रहे हैं इसके  बाद बिहार के प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा , ‘जैसा कि बिहार सरकार ने असमर्थता जताते हुए कहा है कि बाहर फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए सरकार के पास बसें नहीं हैं. हम बिहार सरकार को 2000 बसें सुपुर्द करने के लिए तैयार हैं. सरकार स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक और नोडल अधिकारियों की निगरानी में इन बसों का प्रयोग कर सकती हैं. बसें पटना में कब और कहां भेजनी हैं. कृपया बताया जाए.’

तेजस्वी ने कहा है, ‘विगत 15 सालों से सत्ता से चिपके असमर्थ-असहाय लोग कहते हैं कि बिहार सरकार के पास मात्र 500-600 बसें हैं. हम आपको गरीब मजदूरों की मदद के लिए उससे तीन गुना अधिक बसें सौंप रहे हैं. अभी बिहार में राजनीति बहस तेज है

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